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उत्तराखंड में महंगाई की मार: टमाटर-प्याज की बढ़ी कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
Thu, 14 Oct 2021 09:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 14 Oct 2021 09:30 AM IST
सार
राजधानी दून की ज्यादातर फुटकर मंडियों में बुधवार को देसी टमाटर 40 रुपये प्रति किलो तक बिका। दो हफ्ते पहले तक दून में 20 रुपये किलो के दाम पर टमाटर की बिक्री हो रही थी।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
राजधानी दून में टमाटर और प्याज की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़कर रख दिया है। अभी अगले एक हफ्ते तक राहत मिलने की उम्मीद भी कम है। उसके बाद कीमतों में कमी आने का अनुमान है।
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देसी टमाटर 40 रुपये प्रति किलो तक बिका
राजधानी दून की ज्यादातर फुटकर मंडियों में बुधवार को देसी टमाटर 40 रुपये प्रति किलो तक बिका। दो हफ्ते पहले तक दून में 20 रुपये किलो के दाम पर टमाटर की बिक्री हो रही थी। हालांकि अभी कीमतें 35 से 40 रुपये किलो ही बनी हुई है। मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि बरसाती मौसम में स्थानीय टमाटर के अंदर पानी भर जाता है, जिससे वो खराब हो जाते हैं।
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ऐसे में अभी नासिक और बंगलुरू से देसी टमाटर आ रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और डिमांड बढ़ने के कारण कीमतों में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि बरसात बंद होने पर अब स्थानीय टमाटर की बिक्री होगी, जिससे कीमतों में कमी आने के आसार हैं।
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प्याज की कीमत 25 से 35 रुपये प्रति किलो तक
दूसरी ओर प्याज की कीमत 25 से 35 रुपये प्रति किलो तक बनी हुई है। आमतौर पर नवरात्रि के दौरान प्याज की कीमतें घट जाती हैं। लेकिन इस वर्ष शादी-विवाह होने के कारण कीमतें कम नहीं हुई है। दूसरी ओर प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में बरसात के कारण अभी किसानों ने नई फसल नहीं निकाली है।
अब बारिश बंद होने के बाद वहां से आपूर्ति सुचारू होगी। उन्होंने बताया कि फुटकर कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी मंडियों में फुटकर व्यापारियों को तय कीमत से ज्यादा पर सामान न बेचने के निर्देश दिए गए हैं।