उत्तराखंड: सब्सिडी के लटके मामलों में उद्योगों को बड़ी राहत, औद्योगिक विकास योजना में ये है सब्सिडी
औद्योगिक विकास योजना के तहत राज्य के लगभग 1600 उद्योगों ने आवेदन किया था। इसमें 295 उद्योगों को योजना में पंजीकरण किया गया। 101 उद्योगों के सब्सिडी क्लेम की स्वीकृत थी, लेकिन योजना की अवधि तक 46 उद्योगाें को सब्सिडी का भुगतान किया गया।
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केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास योजना के तहत नए उद्योग लगाने या विस्तार करने वाले उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। इस योजना में सब्सिडी की देनदारियों के लिए केंद्र ने उत्तराखंड और हिमाचल को 1164 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने उत्तराखंड व हिमाचल के लिए अप्रैल 2017 से औद्योगिक विकास योजना शुरू की थी। यह योजना पांच साल के लिए थी। 31 मार्च 2022 को अवधि पूरी होने पर योजना बंद हो गई, लेकिन राज्य के कई उद्योगों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस मामले को उठाया था। औद्योगिक विकास योजना के तहत राज्य के लगभग 1600 उद्योगों ने आवेदन किया था। इसमें 295 उद्योगों को योजना में पंजीकरण किया गया। 101 उद्योगों के सब्सिडी क्लेम की स्वीकृत थी, लेकिन योजना की अवधि तक 46 उद्योगाें को सब्सिडी का भुगतान किया गया।
कई ऐसे उद्योगों हैं, जो सब्सिडी मिलने की आस लगाए हैं। केंद्र सरकार ने 2028-29 तक योजना की सब्सिडी देनदारी के लिए उत्तराखंड व हिमाचल को 1164 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
योजना में ये सब्सिडी
औद्योगिक विकास योजना के तहत उद्योगों को प्लांट एवं मशीनरी में किए गए पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत या अधिकतम पांच करोड़ की सब्सिडी मिलती थी। इसके अलावा भवन, संयंत्र और मशीनरी के बीमा पर 100 प्रतिशत बीमा प्रीमियम की प्रतिपूर्ति का लाभ मिलता था।
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औद्योगिक विकास योजना में उत्तराखंड व हिमाचल को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन में हिमालयी राज्यों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। योजना में 1164 करोड़ मिलने से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री