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डेंगू का डंक: पापा मुझे घर ले चलो, अब मैं ठीक हूं...पिता के आगे छलका मासूम का दर्द, ऐसा है पिकू वार्ड का हाल

Thu, 07 Sep 2023 11:08 AM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 07 Sep 2023 11:08 AM IST
सार

ओपीडी में बुखार से पीड़ित बच्चों को लेकर पहुंचने वालों की कतार लग रही है। बड़ी संख्या में बच्चे तेज बुखार से तप रहे हैं। कई की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। डेंगू के लक्षण पर बच्चों के माता-पिता उन्हें मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उपचार के लिए ला रहे हैं।

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Dengue wreaks havoc on children too, Piku ward of medical college full
डेंगू - फोटो : amar ujala

विस्तार

डेंगू का डंक बच्चों को भी नहीं बख्श रहा है। आलम यह है कि सामान्य दिनों में खाली रहने वाला मेडिकल कॉलेज का पीकू वार्ड फुल चल रहा है। पिछले एक सप्ताह में अकेले मेडिकल कॉलेज में 200 बच्चों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सुखद यह कि इनमें से 151 बच्चों को पूरी तरह ठीक किया जा चुका है। पीकू वार्ड के ही दूसरे हिस्से में डेंगू के संदिग्ध मरीजों को भी भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। इस तरह के लक्षणों वाले 108 बच्चे पीकू वार्ड में भर्ती हैं।

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पापा मुझे घर ले चलो, अब मैं ठीक हूं...
सात वर्षीय गुड़िया पिछले चार दिनों से पीकू वार्ड में भर्ती हैं। उनको पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। उनके पिता संदीप बताते हैं कि दवा से बुखार उतर जाता, लेकिन बाद में फिर आ जाता। खून की जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। बताते हैं कि मेडिकल कॉलेज में संपर्क किया तो बच्चे को पीकू वार्ड में भर्ती किया गया। चार दिनों के उपचार से ही अब काफी आराम है, लेकिन उनकी बेटी अस्पताल के बजाय घर जाने की जिद कर रही है। बताया कि मरीज के साथ तीमारदारों को रुकने और बातचीत की छूट है, ताकि बच्चे को समस्या न हो।
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‘न जाने कैसे डेंगू की चपेट में आ गया बच्चा’आठ साल के असलम भी दो दिनों से यहां भर्ती हैं। उनके पिता बताते हैं कि मोहल्ले में मच्छरों का ऐसा कोई खास प्रकोप नहीं है, इसके बाद भी न जाने कैसे उनका बच्चा डेंगू की चपेट में आ गया। उन्होंने कहा पहले दिन की अपेक्षा अब उनके बच्चे को काफी आराम है। सब कुछ ठीक रहा तो एक या दो दिन में उन्हें घर भेज दिया जाएगा।

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ओपीडी में बच्चों की कतार
ओपीडी में बुखार से पीड़ित बच्चों को लेकर पहुंचने वालों की कतार लग रही है। बड़ी संख्या में बच्चे तेज बुखार से तप रहे हैं। कई की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। डेंगू के लक्षण पर बच्चों के माता-पिता उन्हें मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उपचार के लिए ला रहे हैं।

डेंगू से बच्चों को ऐसे बचाएं
डेंगू किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन बच्चों में इसका असर तेजी से होता है। आमतौर पर डेंगू के लक्षण 2-7 दिनों तक रहते हैं। बच्चे अक्सर घर से बाहर खेलने निकलते हैं। पार्क आदि में खेलते समय बच्चे आसानी से डेंगू की चपेट में आ जाते हैं।

बच्चों में डेंगू के लक्षण
- बच्चों में डेंगू के लक्षण वायरल फ्लू से मिलते जुलते हैं।
- चिड़चिड़ापन, सुस्ती, मसूड़ों या नाक से खून आना, त्वचा पर चकत्ते पड़ना और उल्टी आना।
- थोड़ी-थोड़ी देर पर तेज बुखार आ सकता है।
- आंखों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और तेज सिर दर्द हो सकता है।

बचाव के उपाय
- बारिश के मौसम में बच्चों को घर से बाहर न निकालें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
- घर में सफाई रखें। मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल करें।
- शाम को खिड़की दरवाजे बंद रखें।
- घर में पानी जमा करके न रखें। उससे मच्छर आते हैं।

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बच्चों में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल काॅलेज समेत सभी अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार दिलाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से भी बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। ताकि, कोई बच्चा बगैर उपचार के न रहे। - सोनिका, डीएम

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