भारत-अमेरिका युद्बाभ्यास से गूंजा अल्मोड़ा का जंगल
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सोमवार की सुबह कालिका का दलमोटी जंगल गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। दलमोटी जंगल में एक विद्यालय में घुसे छह आतंकियों ने वहां छात्र-छात्राओं का अपहरण कर लिया। इसके बाद पहुंचे भारतीय-अमेरिकी सैनिकों ने दो घंटे के ऑपरेशन में आतंकियों को ढेर किया और बंधक छात्र-छात्राओं को छुड़ा लिया।
चौंकिए मत, भारत-अमेरिका संयुक्त युद्धाभ्यास का यह सिर्फ डेमो था। सेना के सूत्रों ने बताया कि जंगल में जुबालैंड नाम का काल्पनिक गांव और स्कूल बनाया गया था। यहां भारतीय और अमेरिकी सेना ने संयुक्त युद्धाभ्यास के अनुभवों का डेमो दिखाया। जंगल में दोनों देशों के सैनिकों ने अनुभवों का कौशल प्रदर्शन किया।
डेमो के तहत काल्पनिक जुबालैंड गांव के प्राइमरी स्कूल में छह आतंकवादियों ने घुसकर बच्चों को बंधक बना लिया था। इसी बीच सेना पहुंची, आतंकियों के साथ जमकर युद्ध हुआ। दोनों देशों के सैनिकों ने दो घंटे तक आतंकियों से जमकर मुकाबला किया। अमेरिकी सैनिकों ने दिखाया कि अंदर घुसकर कैसे आतंकियों पर धावा बोला जाता है, जबकि भारतीय सैनिकों ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
भारतीय सैनिकों से सीखी जमीनी युद्ध की तकनीक
युद्धाभ्यास के बाद प्रेस कांफ्रेंस में अमेरिकी सेना के ब्रिगेड कमांडर हेसकिंग्स ने कहा कि उन्होंने भारतीय सैनिकों से जमीनी युद्ध की तकनीक सीखी है, जबकि भारतीय सैनिकों को छापामार युद्ध के बारे में बताया। संयुक्त युद्धाभ्यास से दोनों देशों के रिश्ते प्रगाढ़ होंगे।
भारतीय सेना के मेजर जनरल अश्विनी कुमार ने कहा कि युद्धाभ्यास केवल आतंकवाद के खात्मे को लेकर नहीं था वरन दोनों देशों के सैनिकों की भावनाओं को समझने और एक दूसरे से युद्ध में प्रयोग होने वाली नई तकनीकों को समझाने के लिए भी था।
मालूम हो कि भारत और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 17 सितंबर को यहां चौबटिया में शुरू हुआ था। सुरक्षा के मद्देनजर यह युद्धाभ्यास गोपनीय रखा गया था। समापन के पहले दिन चौबटिया में दोनों सेनाओं के अधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता कर युद्धाभ्यास के अनुभवों का साझा किया।