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किंगमेकर बनते हैं निर्दलीय, क्यों न मारे उम्मीद हिलोरें?
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:17 PM IST
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उत्तराखंड की सियासत में स्थापित हो चुका है कि निर्दलीय चुनाव जीतना सत्तासुख भोगने की गारंटी है। पिछले दो चुनावों में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिलने की वजह से निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में रहे और बदले में उन्हें पूरे पांच साल मंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसी लालसा में कुछ दिग्गजों ने सियासी दलों के टिकट की पेशकश तक ठुकरा दी।
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इनमें सबसे पहला नाम टिहरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे दिनेश धनै का है। धनै कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर चुके हैं। उन्होंने तीन साल मंत्री पद का सुख भोगा, इसलिए क्योंकि वह आजाद विधायक थे। शायद यही वह लालसा है जिसके आगे कांग्रेस पार्टी के टिकट का आकर्षण भी फीका पड़ गया।
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यही कहानी यूकेडीपी से चुनकर आए प्रीतम पंवार की है, जिन्हें कांग्रेस ने टिकट देने की पेशकश की। लेकिन पंवार ने कांग्रेस की पेशकश को ठुकरा दिया। वह मैदान में निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं और फिर भी कांग्रेस उन्हें समर्थन दे रही है। निर्दलीय विधायकों केप्रति ऐसा मोह पूर्व भाजपा सरकार में भी रहा जब उसने बहुमत का आंकड़ा पूरा करने के लिए निर्दलीय जीते राजेंद्र भंडारी और यूकेडीपी के दिवाकर भट्ट को कैबिनेट मंत्री बनाया। इन्हीं नजीरों ने निर्दलीयों के मन में सत्तासुख के अरमान जगा दिए हैं।
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उन्होंने पिछले 10 वर्षों के दौरान देखा है कि किस तरह सरकारें निर्दलीयों के इशारे पर नाचती रहीं और उनकी मनमानी के आगे बेबस नजर आईं। ऐसा न होता तो नरेंद्रनगर में भाजपा के बागी ओमगोपाल रावत कांग्रेस के टिकट की पेशकश न ठुकराते। ओमगोपाल निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह केदारनाथ में भाजपा की एक और बागी आशा नौटियाल ने भी निर्दलीय ही पर्चा भरा है।
उन्हीं की तरह 70 सीटों पर करीब 325 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। एक फरवरी को नामांकन वापसी के बाद हो सकता है कि निर्दलीयों की संख्या कुछ और कम हो जाए। मगर समर में जो भी निर्दलीय डटा है, उसके मन में यही उम्मीद हिलोरें मार रही है कि जीत गए तो सत्तासुख मिलेगा ही मिलेगा।
2017 में जिलावार निर्दलीय उम्मीदवारों का ब्योरा
उत्तरकाशी-10
चमोली- 08
रुद्रप्रयाग-11
टिहरी-24
देहरादून-64
चंपावत-03
हरिद्वार-58
पौड़ी-27
पिथौरागढ़-13
बागेश्वर- 09
अल्मोड़ा-25
नैनीताल-27
यूएसनगर-46
योग-325
नोट:- सबसे ज्यादा 14 निर्दलीय धर्मपुर सीट पर हैं। चंपावत में एक भी निर्दलीय नहीं है। पुरोला, थराली, नरेन्द्रनगर, चकराता, बाजपुर सीट पर एक-एक निर्दलीय उम्मीदवार है।
विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का ब्योरा
वर्ष - 2002 - 2007 - 2012 - 2017
कुल प्रत्याशी - 927 - 806 - 788 - 720
निर्दलीय - 346 - 240 - 261 - 325
नोट:- नामांकन वापसी के बाद निर्दलीय उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति साफ होगी।