माउंट मकालू पर्वतारोहण अभियान के लिए भारतीय सेना का दल रवाना, 29 को यहां से होगी शुरुआत
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बेहद कठिन मानी जाने वाले चोटी माउंट मकालू (8485 मीटर) में भारतीय सेना का पर्वतारोहण अभियान शुरू हो गया है। मंगलवार को महानिदेशक ने दिल्ली में हरी झंडी दिखाकर 18 सदस्यीय दल को रवाना कर दिया है। 29 मार्च से काठमांडू से अभियान की शुरुआत होगी।
सभी चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ने के उद्देश्य से भारतीय सेना माउंट मकालू के लिए पहला अभियान शुरू कर रही है। सेना इससे पहले माउंट एवरेस्ट सहित कई अन्य चोटियों को फतह कर चुकी है। दल का नेतृत्व कर रहे मेजर मनोज जोशी ने बताया कि 18 सदस्यीय पर्वतारोहण दल में पांच अधिकारी, दो जेसीओ और 11 ओआर शामिल हैं। माउंट मकालू को तकनीकी दृष्टि से सबसे खतरनाक चोटियों में से एक माना जाता है।
मौसम की दुरूह परिस्थितियों, हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण उस पर चढ़ना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। मकालू चोटी पर्वतारोहियों की तकनीकी सूझबूझ, मानसिक व शारीरिक साहस और शिखर तक पहुंचने के उनके संकल्प की कड़ी परीक्षा लेगी। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दल को छह माह कड़ा प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा दल ने माउंट कामेट और भनौती का सफल आरोहण कर शीतकालीन प्रशिक्षण भी लिया। माउंट मकालू की चोटी के शिखर तक पहुंचने के रास्ते में 6 शिविर स्थापित किए जाएंगे।
यह है रूट चार्ट
- 26 मार्च को दिल्ली में दल को हरी झंडी दिखाई गई।
- 29 मार्च से अभियान की शुरुआत काठमांडू नेपाल से
- तुमलिंग तर तक हवाई यात्रा से लैंड करेगा दल
- तुमलिंग से नम तक सड़क मार्ग से दस दिवसीय यात्रा
- लगभग दो माह तक माउंट मकालू के शिखर तक सेना का झंडा फहराने की चुनौती
एवरेस्ट फतह कर चुके हैं मेजर मनोज
माउंट मकालू के कठिन अभियान का नेतृत्व कर रहे मेजर मनोज जोशी वर्ष 2013 में एवरेस्ट फतह कर चुके हैं। अल्मोड़ा जिले के डुंगरा मन्या गांव निवासी मनोज जोशी कुशल पर्वतारोही माने जाते हैं। उन्होंने कई दुर्गम चोटियों को फतह कर भारत व सेना का झंडा फहराया है।