फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Indian army helicopter not take Climbers dead Body due to bad Weather on nanda devi peak

नंदा देवी पर्वत से शवों को लाने में मौसम बन रहा बाधा, वापस लौटे वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर

Mon, 01 Jul 2019 08:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 01 Jul 2019 08:45 AM IST
विज्ञापन
Indian army helicopter not take Climbers dead Body due to bad Weather on nanda devi peak
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

नंदा देवी में पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन  की चपेट में आकर जान गंवाने वाले सात पर्वतारोहियों के शवों को बेस कैंप द्वितीय में बनाए गए हेलीपैड तक लाने का काम जारी है। वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टरों ने रविवार को भी नंदा देवी क्षेत्र में उड़ान भरी।

विज्ञापन


सेना के दो चीता हेलीकॉप्टरों ने शवों को लाने के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन अधिक ऊंचाई, खराब मौसम और उपयुक्त स्थान नहीं होने के कारण अस्थायी हेलीपैड पर उतर नहीं सके थे। अब सातों शवों को 15 हजार फीट की हाइट तक लाया जा रहा है।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार शवों को लेकर आ रही आईटीबीपी की टीम अभी चिह्नित हेलीपैड से तीन किलोमीटर दूर है। सभी शवों को यहां को यहां पहुंचाने के बाद हेलीकाप्टर से लिफ्ट कर पिथौरागढ़ लाया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला

13 मई को मुनस्यारी से नंदा देवी ईस्ट के लिए गए ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे।

आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी और एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में गई 18 सदस्यीय हिमवीरों की टीम ने 23 जून को सात पर्वतारोहियों के शवों को निकालकर 17800 फीट की ऊंचाई पर अस्थायी कैंप में रखा था। मौसम खराब होने से आठवां शव नहीं मिल पाया। इसके बाद सात पर्वतारोहियों के शवों को हिमवीरों ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए 600 मीटर नीचे पहुंचा दिया था। आईटीबीपी के जवानों ने यहां पर एक हेलीपैड तैयार किया था।

अधिक ऊंचाई और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर स्टेबल नहीं हो पा रहे हैं। पर्वतारोहियों के शवों को 15 हजार फीट की ऊंचाई तक लाया जा रहा है। हेलीपैड तक पहुंचने में आईटीबीपी की टीम को अभी तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी है। इसमें अभी दो दिन का समय लग सकता है।
- एपीएस निंबाडिया, डीआईजी आईटीबीपी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed