भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन चीन सीमा के पास करेंगे बमबारी, जानिए पूरा मामला
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भारत-चीन सीमा के पास जल्द ही भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन बमबारी करने वाले हैं। यह सब मुनस्यारी के पास एक क्षेत्र में तीन सप्ताह के सैन्य अभ्यास में किया जाएगा। वायुसेना ने उत्तराखंड सरकार से कुमाऊं मंडल के मुनस्यारी के पास एक क्षेत्र मुहैया कराने की मांग की है, जहां पर साल में तीन सप्ताह सैन्य अभ्यास किया जाएगा।
यहां बम गिराने से लेकर गोलीबारी और दूसरी सैन्य अभ्यास भी कराए जाएंगे। वायुसेना के मध्य कमान से जुड़े आला अफसरों ने सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ बैठक में मुनस्यारी के पास फायरिंग रेंज के लिए अनुमति मांगी है, इसमें ऊंचाई से जमीन पर गोलीबारी का अभ्यास किया जाएगा।
इस तरह के प्रशिक्षण में केवल रोशनी व धुआं होता है। इसका पर्यावरण पर कोई नुकसान नहीं होता है। इसमें भूस्खलन या हिमस्खलन का खतरा भी नहीं है। इसमें सभी सुरक्षा संबंधी मानकों का पूरा पालन किया जाता है।
परीक्षण करवाकर सरकार इसकी अनुमति देगी
सीएम रावत ने कहा कि इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाए। आवश्यक परीक्षण करवाकर सरकार इसकी अनुमति देगी। सरकार हमेशा से ही सेना को सहयोग को आगे रहती है। सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील है।
लिहाजा, अगर पर्यावरण और पहाड़ों को कोई नुकसान नहीं होता तो सरकार सेना को जल्द ही इसकी अनुमति देगी। वायु सेना अफसरों ने धरासू, गौचर और पिथौरागढ़ हवाई पट्टियों को दुबारा सक्रिय करने में सहयोग पर सीएम का आभार प्रकट किया।
विंग कमांडर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इसके लिए संयुक्त सर्वे कर लिया गया है। यह क्षेत्र आबादी से काफी दूर है। प्रशिक्षण में बहुत ही कम क्षमता के बमों का प्रयोग किया जाता है।
विंग कमांडर ने बताया कि वर्ष में केवल तीन सप्ताह के लिए क्षेत्र की आवश्यकता होगी। प्रशिक्षण के दौरान जो भी बम गिराए जाते हैं, उन्हें इकट्ठा कर साफ करने की जिम्मेवारी वायुसेना की होगी। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. एमएस बिष्ट, एयर कोमोडोर सुमित बनर्जी, ग्रुप कैप्टन आशुतोष श्रीवास्तव, एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा उपस्थित रहे।