भारत-नेपाल सीमा तनाव : नेपाल ने नहीं बदली सीसीटीवी की दिशा, फिर अलर्ट मोड में सुरक्षा एजेंसी
- दोनों देशों के बीच एक हफ्ते पूर्व हुई वार्ता में भारत ने कैमरे की दिशा बदलने की मांग की थी
- नेपाल ने नो मैंसलैंड, भारतीय क्षेत्र की गतिविधियों को कैद करने के लिए लगाए हैं कैमरे
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भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर से लगे नो मैंसलैंड क्षेत्र में नेपाल की ओर से हुए अतिक्रमण के मामले में तनातनी भले ही कम हो गई है, लेकिन सीमा पर लगे सीसीटीवी कैमरे के डायरेक्शन को एक सप्ताह बाद भी दुरुस्त नहीं किया जा सका है। इससे जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी फिर अलर्ट मोड में आ गई है।
कंचनपुर (नेपाल) जिले के सीडीओ (मुख्य जिलाधिकारी), पुलिस के अधिकारियों के साथ चार अगस्त को बनबसा में हुई अनौपचारिक वार्ता में भारतीय पक्ष की ओर से नेपाल के ब्रह्मदेव के नजदीक लगे सीसीटीवी का मुद्दा प्रमुखता से उठा था।
नेपाल के अधिकारियों ने कैमरे का उपयोग अपनी सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करने की दलील दी थी, लेकिन भारत की ओर से चंपावत के डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने इन सीसीटीवी की दिशा को भारतीय सीमा या नो मैंसलैंड से हटाने का मामला उठाया था, लेकिन पूरा एक हफ्ता बीतने पर भी कैमरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
नेपाल की ओर से लगाए गए ये कैमरे आज भी उसी तरह से सीमा की गतिविधियों को कैद कर रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा पर टनकपुर के पास नो मैंसलैंड में नेपाल की ओर से पौधरोपण की आड़ में जुलाई के दूसरे पखवाड़े से अतिक्रमण के बाद से सीमा पर तनाव बढ़ गया था। इसमें नेपाली अफसरों से वार्ता के बाद जरूर कमी आई है।
नेपाल की ओर से लगे कैमरे की दिशा में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। कैमरे की दिशा को भारतीय क्षेत्र से दूर करने के लिए एसएसबी के कमांडेंट से नेपाल के अपने समकक्ष अधिकारियों से बात करने के निर्देश दिए गए हैं। - सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत