भारत-नेपाल सीमा: झूला पुल खुलने पर नेपाल से झूलाघाट आए 709 पेंशनर, 11 अतिरिक्त जवान तैनात
- पहले दिन 125 पेंशनरों ने निकाले 93 लाख रुपये
- शेष पेंशनर झूलाघाट में ही फंसे, प्रशासन ने शिशु मंदिर और जीआईसी में की ठहरने की व्यवस्था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय सेना में सेवा दे चुके नेपाली पेंशनरों के लिए सोमवार को झूलाघाट का झूलापुल खोला गया। पहले दिन 709 पेंशनर भारत आए। पहले दिन केवल 125 पेंशनरों को 93 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
शाम को सीमा पुल बंद होने पर 500 से अधिक पेंशनर झूलाघाट में ही फंस गए। प्रशासन ने इन लोगों के लिए शिशु मंदिर और जीआईसी में ठहरने की व्यवस्था की है। दोनों देशों के प्रशासन के बीच बनी सहमति पर पुल पांच दिन तक खुला रहेगा।
सोमवार सुबह 9:15 बजे झूलाघाट सीमा पुल खुला। पुल खुलने के बाद नेपाल से 709 पेंशनर भारत आए जबकि 35 लोग नेपाल गए। नेपाल से आने वाले 15 पेंशनरों को व्हीलचेयर, डोके या चारपाई में लाया गया।
बड़ी संख्या में नेपाल से पेंशनरों के आने से झूलाघाट में काफी भीड़ रही। बैंक के बाहर पेंशनर कतार लगाकर खड़े रहे। पहले दिन एसबीआई की शाखा से केवल 125 पेंशनरों ने 93 लाख रुपये निकाले।
बैंक और झूलापुल बंद होने के कारण 584 नेपाली पेंशनरों को भारत में ही रुकना पड़ा। अधिकतर लोगों को होटल और रेस्टोरेंट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन पेंशनरों को होटलों में जगह नहीं मिली उनके ठहरने के लिए शिशु मंदिर और जीआईसी में व्यवस्था की गई।
व्यापार संघ उपाध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में नेपाल से पेंशनरों के आने से तमाम परेशानियों से जूझना पड़ा है। उन्होंने नेपाल प्रशासन से एक दिन में 300 से अधिक लोगों को न भेजने की मांग की है।
एसएसबी ने 11 अतिरिक्त जवानों को तैनात किया
एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष कुमार सुबह से पुल पर तैनात रहे। कंपनी कमांडर कृष्णानंद नगरकोटी ने बताया कि लोगों को 10-10 की टीम में भारत में प्रवेश कराया गया। एसएसबी ने पुल के पास दो काउंटर लगाकर नेपाली पेंशनरों के कागजों की जांच की। एसएसबी ने इसके लिए 11 अतिरिक्त जवानों को तैनात किया था।
पुल पर मेडिकल टीम ने सभी लोगों की जांच की। बैतड़ी जिले के बरायल से आए जयबहादुर बिष्ट, हरजीत सिंह बिष्ट, सेरा के टीकाराज जोशी, देमांडु के गणेश बहादुर बोहरा ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया। पेंशनरों की भीड़ को देखते हुए झूलाघाट के थाना प्रभारी टीएस राणा के नेतृत्व में कस्बे में पुलिस बल तैनात रहा।