मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब स्वच्छ आइकॉनिक स्थल बनेगा देश का अंतिम गांव माणा
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देश का अंतिम गांव माणा स्वच्छ आइकॉनिक स्थल के रूप में चयनित हुआ है। स्वच्छता अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से यहां बीस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंगलवार को भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वरन अय्यर ने माणा गांव पहुंचकर योजना का शुभारंभ किया।
उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव को स्वच्छ और हरा-भरा रखने का आह्वान किया। केंद्रीय सचिव अय्यर ने कहा कि देशभर में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है। अभियान के तहत देशभर के चुनिंदा गांवों में माणा गांव भी शामिल हो गया है।
गांव को स्वच्छ आइकॉनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। माणा गांव में स्वच्छता अभियान के लिए केंद्र की ओर से 15 करोड़ और राज्य की ओर से पांच करोड़ की धनराशि जिला स्वजल परियोजना को मुहैया कराई जाएगी।
माणा गांव के प्रधान पंकज बड़वाल ने बताया कि अभियान के तहत गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रंचिंग ग्राउंड, घाट का सुंदरीकरण, तीर्थ स्थल व प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार, शॉपिंग कांप्लेक्स और मीटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा।
इस मौके पर माणा गांव के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, रामसिंह कंडारी, सरपंच बीना बड़वाल, ममंद अध्यक्ष मीनू मोल्फा, डीएम आशीष जोशी, एसडीएम योगेंद्र सिंह और अनिल बिष्ट आदि मौजूद थे।