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यहां तैयार हुई देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स, वन और वन्य जीवों की सुरक्षा में करेगी निगरानी

Tue, 25 Dec 2018 08:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकुर शर्मा, अमर उजाला, हल्द्वानी
अंकुर शर्मा, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 25 Dec 2018 08:50 AM IST
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India first forest drone force ready in uttarakhand
फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स

अब जंगल के  चप्पे-चप्पे की निगहबानी तकनीकी तौर पर भी होगी। उत्तराखंड में देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स का गठन हुआ है। ड्रोन फोर्स से वन, वन्य जीवों की सुरक्षा, खनन की निगरानी आदि में मदद ली जाएगी। यह वन विभाग और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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प्रदेश के 71 फीसदी भू-भाग वन भूमि है। यहां जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा वन बीट अधिकारी/ आरक्षी, वन दरोगा, निरीक्षक, डिप्टी रेंजर, रेंजर के कंधों पर होता है। दुर्गम और काफी बड़ा क्षेत्र होने से वनकर्मी का उपलब्ध होना संभव नहीं होता है। ऐसे में जंगलों में अवैध कटान, वन्य जीवों के शिकार, अवैध खनन की आशंका बढ़ जाती है। 
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 प्रमुख वन संरक्षक ने 21 दिसंबर को फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स के गठन का आदेश दिया था, जिसके बाद फोर्स का गठन किया गया है। वन, वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर अवैध खनन आदि पर निगरानी का काम ड्रोन से होगा। ड्रोन फोर्स के लिए वनकर्मियों को ड्रोन संचालन के लिए तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। वर्तमान में वन विभाग के पास 11 ड्रोन है। ड्रोन फोर्स के कर्मियों को ड्रोन और उसके संचालन की जानकारी दी जाएगी।

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2013 में पहली बार गौला नदी में खनन की हुई थी निगरानी

साल 2013 में पहली बार तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। ड्रोन से गौला नदी में खनन और अवैध खनन की निगरानी की गई थी। सकारात्मक परिणाम आने के बाद जंगलों में वन्य जीवों की निगरानी में भी उपयोग किया गया। 

ये अधिकारी होंगे शामिल
फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स के मुखिया प्रमुख वन संरक्षक जयराज को बनाया गया है। फोर्स में सेंटर फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च के अमित सिन्हा, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुरेंद्र मेहरा, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक यमुना वृत्त प्रसन्न पात्रो, डीएफओ तराई पूर्वी नीतीश मणि त्रिपाठी शामिल हैं। 
 

यहां-यहां होती है ड्रोन से निगरानी 

जिम कार्बेट नेशनल पार्क
मालसी चिड़ियाघर (देहरादून)
राजाजी नेशनल पार्क 
पश्चिमी वन वृत्त (तराई केंद्रीय, तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, हल्द्वानी और रामनगर वन प्रभाग)

उत्तराखंड में देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स बनाई गई है। ड्रोन के उड़ान के लिए डीजीसी ने नियम बनाए हैं उन नियमों को पूरा करने संबंधित सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। ड्रोन फोर्स के गठन से शिकार, अवैध खनन समेत अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। 
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक/कोआर्डिनेटर फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स

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