चीन सीमा के निकट भारतीय लड़ाकू विमान ने भरी उड़ान, जमीन के साथ अब आसमान से भी हो रही चौकसी
- नाभीढ़ाग से लीपुलेख का आठ किमी क्षेत्र बना है सैन्य छावनी
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लिपुलेख के निकट सीमा पर चीन की ओर से एक हजार सैनिकों की तैनाती के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां खासी सतर्क हैं। सीमा की जमीन से ही नहीं बल्कि वायु मार्ग से भी निगरानी की जा रही है।
मंगलवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान ने लिपुलेख बार्डर पर उड़ान भरी। इधर नेपाल सीमा पर भी कड़ी चौकसी की जा रही है। पिछले दिनों लद्दाख से लेकर लिपुलेख तक सीमा चीन की गतिविधियों के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
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पिछले तीन माह से सीमा पर जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। चीन की किसी भी तरह की हरकतों का सीमा पर भारत-तिब्बत पुलिस के साथ ही सेना के जवान भी पर्याप्त संख्या में तैनात किए गए हैं। इस समय भारतीय सुरक्षा बलों के जवान सीमा पर पैदल तो चौबीस घंटे गश्त कर ही रहे हैं, इसके अलावा हवा से भी सीमा की निगरानी की जा रही है।
नेपाल भी भारत सीमा पर अपने सैन्य बल को बढ़ा रहा
भारतीय वायुसेना के फाइटर विमान ने मंगलवार सुबह लगभग 11:10 से 11:20 तक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर चीन को किसी भी तरह की हरकत का जवाब देने के लिए तैयार होने के साफ संकेत दिए हैं।
सीमा पर हो रही गतिविधियों को देखते हुए भारत-चीन सीमा पर नाभीढ़ाग से लीपुलेख के आठ किमी के हिस्से को पूरी तरह से भारतीय सुरक्षा बलों ने छावनी में बदल दिया है। चीन के साथ ही इधर नेपाल भी भारत सीमा पर अपने सैन्य बल को बढ़ा रहा है।
इसको देखते हुए भारत की ओर से नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ाई गई है। हालांकि नेपाल सीमा पर पूरी तरह से शांति है।