लिपुलेख में चीनी सैनिकों की तैनाती के बाद भारतीय कमांडिंग आफिसरों ने किया बॉर्डर का दौरा
- सीमा पर हर गतिविधि की केंद्र सरकार को दी जा रही जानकारी
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लिपुलेख में भारत-चीन सीमा के निकट चीन की ओर से एक हजार सैनिक तैनात करने की सूचना के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। सुरक्षा बलों के कमांडिंग ऑफिसरों ने सीमा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
भारत के कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लिपुलेख तक सड़क का निर्माण करने के बाद से चीन और नेपाल बौखलाए हुए हैं। तीन माह पूर्व चीनी सैनिकों ने लिपुलेख में झंडे लहराकर भारतीय जवानों को सीमा के निकट बने शेड हटाने की चेतावनी दी थी।
इसके अलावा नेपाल ने न केवल भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, लिपिंयाधूरा और कालापानी को अपने नक्शे में शामिल किया है, बल्कि कालापानी तक बार्डर आउट पोस्ट (बीओपी) स्थापित कर आर्मी तैनात कर दी है।
अब लिपुलेख सीमा के निकट चीनी सैनिकों का जमावड़ा है। दोनों पड़ोसी देश जिस तरह की गतिविधियों में संलिप्त हैं, उससे साफ है कि शांत समझी जाने वाली इस सीमा को भी अशांत करने का काम किया जा रहा है।
लिपुलेख सीमा से लगभग दस किमी दूरी पर चीन की सेना के जमावड़े की सूचना के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। भारत के नाभीढ़ांग से लेकर लिपुलेख तक भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त तेज कर दी है।
चीन की किसी भी नापाक हरकत से निपटने के लिए नाभीढ़ांग से लेकर लिपुलेख तक पर्याप्त संख्या में भारतीय सुरक्षा बलों की तैनाती पूर्व से ही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कमांडिंग ऑफिसरों ने भी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
इसके अलावा लिपुलेख सीमा की पल पल की जानकारी केंद्र सरकार को रोजाना दी जा रही हैं। इधर, नेपाल सीमा पर भी एसएसबी कड़ी निगाह रखे हुए हैं। धारचूला से लेकर कालापानी तक एसएसबी पहले ही जवानों की संख्या बढ़ाकर नेपाल सीमा परकड़ी चौकसी कर रहा है।