गलवां घाटी विवाद: लिपुलेख पास पर भारतीय सुरक्षा बल अलर्ट, चीन सीमा पर मेजर रैंक के अधिकारियों की तैनाती
- लिपुलेख पास में अभी हालात सामान्य, सेना 24 घंटे कर रही निगरानी
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लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों की हरकतों के बाद से भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख में भारतीय सुरक्षा बल खासा अलर्ट हो गया है। भारतीय सुरक्षा बलों की संख्या में भी इजाफा किया जा रहा है।
सीमा के निकट अब सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने मेजर और डिप्टी कमांडेंट स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। गूंजी से लेकर लिपुपास तक की भारत चीन सीमा पर फिलहाल आमजन की आवाजाही रोकने या ग्रामीणों को अलर्ट करने जैसी कोई सूचना नहीं है।
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चीन सीमा से लगे लिपुलेख में भी 15 दिन पूर्व चीन ने भारतीय सुरक्षा बलों को उकसाने वाली हरकतें की थी। चीनी सैनिकों ने बैनर लहराते हुए भारत को सीमा के निकट बने शेड हटाने की चेतावनी दी थी।
इसके बाद से ही भारतीय सुरक्षा बलों ने यहां अपनी चौकसी बढ़ा दी थी। लद्दाख के गलवान घाटी में हुई खूनी हिंसक झड़प के बाद से यहां भी सैनिकों की संख्या में इजाफा किया गया है।
आईटीबीपी ने भी डिप्टी कमांडेंट स्तर के अधिकारियों की तैनाती की
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा पर मेजर रैंक के अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी ने भी डिप्टी कमांडेंट स्तर के अधिकारियों की तैनाती की है। यह पहली बार हुआ है जब मेजर और डिप्टी कमांडेंट स्तर के अधिकारी वहां पर तैनात रहेंगे।
वर्तमान समय में गूंजी से लेकर लिपुपास तक की भारत चीन सीमा की सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी के पास है। अभी इस बॉर्डर पर चीन के द्वारा किसी प्रकार की कोई हलचल नही देखी गई है।
तवाघाट से लिपुपास तक सड़क बनने से परेशान चीन इस सीमा पर भी कोई नापाक हरकत न करे इसको लेकर भारतीय सुरक्षा बल 24 घंटे नाभीढांग से लेकर लिपुलेख तक कड़ी चौकसी के साथ बॉर्डर तक गश्त कर रहे हैं।