भारत- चीन सीमा विवाद : उत्तराखंड से लगी चीन-नेपाल सीमा की 24 घंटे हो रही निगरानी
- जम्मू-कश्मीर से लौटे जवानों को चीन सीमा पर किया गया तैनात
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लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के बाद सीमांत पिथौरागढ़ जिले की चीन और नेपाल सीमा पर भी पहरा सख्त कर दिया गया है। सशस्त्र सीमा बल ने नेपाल सीमा पर धारचूला से कालापानी तक गश्त बढ़ा दी है।
भारत- चीन सीमा विवाद : लिपुलेख से 12 किमी दूर पाला मैदान में सैन्य बेस बनाने की तैयारी में चीन
बल के जवान चौबीस घंटे सीमा की निगरानी कर रहे हैं। वहीं जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद वहां से लौटे आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को चीन सीमा पर तैनात किया गया है। पिथौरागढ़ जिले की सीमाएं चीन और नेपाल से लगी हैं।
चीन ने हाल ही में लिपुलेख के समीप एक हजार सैनिक तैनात किए थे। वहीं मानसरोवर क्षेत्र में मिसाइल बेस बना रहा है। चीन और नेपाल सीमाओं पर चल रही गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने भी सीमा पर सुरक्षा और कड़ी कर दी है। सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान चौबीस घंटे सीमा की निगरानी कर रहे हैं।
रात्रि में नाइट विजन उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। एसएसबी के जवान धारचूला से लेकर कालापानी तक लगातार गश्त कर रहे हैं। गुंजी, गर्ब्यांग सहित अन्य सभी सीमावर्ती इलाकों में रात-दिन पेट्रोलिंग की जा रही है। चीन की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पुरी तरह मुस्तैद हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू और कश्मीर में तैनात रहे आईटीबीपी और एसएसबी के अतिरिक्त जवानों को अब लिपुलेख सीमा में तैनात किया जा रहा है।