{"_id":"6706d7a9ecc4d72a8f01c404","slug":"in-uttarakhand-folk-heritage-one-will-see-the-performance-dehradun-news-c-5-1-drn1030-521467-2024-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: विरासत में होगा भूले-बिसरे गीत-संगीत और नृत्य का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: विरासत में होगा भूले-बिसरे गीत-संगीत और नृत्य का प्रदर्शन
विज्ञापन
I14-15 दिसंबर को दून में आयोजित किया जाएगा उत्तराखंड लोक विरासतI
उत्तराखंड लोक विरासत में पहाड़ के लोकगीत, वाद्य यंत्र, लोकनृत्यों और भूले-बिसरे गीत-संगीत और नृत्य का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। विरासत के संबंध में बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. केपी जोशी ने बताया, विरासत का चौथा संस्करण 14-15 दिसंबर को सोशल बलूनी स्कूल में आयोजित किया जाएगा।
डॉ. केपी जोशी ने कहा, हर साल की तरह इस बार भी इस विरासत में पहाड़ की संस्कृति को सामने रखा जाना है। पहाड़ के कलाकारों की ओर से इस बार भी लोक विरासत में पहाड़ी वेशभूषा में फैशन शो का आयोजन किया जाएगा। कहा, अब ये उत्तराखंड का सबसे बड़ा और प्रमुख लोक रात्रिकृतिक कार्यक्रम बन गया है। जिसमें राज्य के जिलों व उनके गांवों तक का प्रतिनिधित्व हो रहा है। जिसमें गढ़ गौरव नरेंद्र सिंह नेगी एवं पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण प्रमुख संरक्षक हैं।
राज्य के इन कलाकारों के अलाव भी इस बार उत्तराखंड लोक विरासत में ये कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। बताया, उत्तराखंड की संस्कृति का स्वरूप जिनको आपने अबतक नहीं देखा, इस कार्यक्रम में आपको देखने को मिलेगा। हमारा मकसद उत्तराखंड की संस्कृति के बचाव प्रचार-प्रसार का काम करने के साथ पहाड़ के सांस्कृतिक कलाकार और हस्तशिल्पियों को मंत्र प्रदान करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड लोक विरासत में पहाड़ के लोकगीत, वाद्य यंत्र, लोकनृत्यों और भूले-बिसरे गीत-संगीत और नृत्य का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। विरासत के संबंध में बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए उत्तराखंड लोक विरासत ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. केपी जोशी ने बताया, विरासत का चौथा संस्करण 14-15 दिसंबर को सोशल बलूनी स्कूल में आयोजित किया जाएगा।
डॉ. केपी जोशी ने कहा, हर साल की तरह इस बार भी इस विरासत में पहाड़ की संस्कृति को सामने रखा जाना है। पहाड़ के कलाकारों की ओर से इस बार भी लोक विरासत में पहाड़ी वेशभूषा में फैशन शो का आयोजन किया जाएगा। कहा, अब ये उत्तराखंड का सबसे बड़ा और प्रमुख लोक रात्रिकृतिक कार्यक्रम बन गया है। जिसमें राज्य के जिलों व उनके गांवों तक का प्रतिनिधित्व हो रहा है। जिसमें गढ़ गौरव नरेंद्र सिंह नेगी एवं पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण प्रमुख संरक्षक हैं।
विज्ञापन
राज्य के इन कलाकारों के अलाव भी इस बार उत्तराखंड लोक विरासत में ये कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। बताया, उत्तराखंड की संस्कृति का स्वरूप जिनको आपने अबतक नहीं देखा, इस कार्यक्रम में आपको देखने को मिलेगा। हमारा मकसद उत्तराखंड की संस्कृति के बचाव प्रचार-प्रसार का काम करने के साथ पहाड़ के सांस्कृतिक कलाकार और हस्तशिल्पियों को मंत्र प्रदान करना है।
विज्ञापन