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Law College Dehradun: छात्र पढ़ेंगे नए आपराधिक कानून, एआई और फॉरेंसिक साइंस की भी मिलेगी जानकारी
Thu, 18 Jul 2024 03:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 03:12 PM IST
सार
विश्वविद्यालय का अत्याधुनिक पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए गहन मंथन किया गया। जिसमें देशभर से विधि विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं पूर्व छात्रों की राय को तरजीह दी गई।
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- फोटो : freepik
विस्तार
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में आयोजित बैठक में वर्तमान शिक्षा सत्र से नए आपराधिक कानून पढ़ाने पर सहमति बनीं। साथ ही नया पाठ्यक्रम तैयार करने पर मंथन किया गया। नए पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए विवि डीन एवं उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा की अध्यक्षता में 16 सदस्यों की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज का गठन किया गया है।
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उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने बताया कि विश्वविद्यालय का अत्याधुनिक पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए गहन मंथन किया गया। जिसमें देशभर से विधि विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं पूर्व छात्रों की राय को तरजीह दी गई। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के साथ ही एआई और फॉरेंसिक साइंस पर आधारित पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति दी गई है।
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बतौर इंडस्ट्री एक्सपर्ट डाॅ. अमन रब ने कहा कि नए कानूनों के व्यवहार में आने के साथ अनेकों व्याख्याएं सामने आएंगी और ऐसे में न्यायपालिका की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विषय विशेषज्ञ प्रो. एसडी शर्मा ने कहा कि विधि शिक्षा को नई शिक्षा नीति से बाहर रखा गया है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नई शिक्षा नीति के मूल सिद्धांतों को स्वीकार किया गया है। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो. पूनम रावत, डाॅ. राधेश्याम झा, कुमार आशुतोष, डाॅ. जितेंद्र सिंह, डाॅ. अंजुम परवेज, डाॅ. वैभव उनियाल आदि मौजूद रहे।
बोर्ड में इनको किया शामिल
पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए बोर्ड में आंतरिक विशेषज्ञों, बाह्य विशेषज्ञों व इंडस्ट्रीज विशेषज्ञ के अतिरिक्त विधि के छात्रों को भी रखा गया। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. एसडी शर्मा व अधिवक्ता डॉ. अमन रब बतौर बाह्य विशेषज्ञ सम्मिलित हुए।