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किशोरी से दुष्कर्म के मामले में एक को दस दूसरे को सात साल की सजा
Sat, 09 Feb 2019 12:55 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
Published by: राजेश सैनी
Updated Sat, 09 Feb 2019 12:55 AM IST
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किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुराचार करने के मामले मैं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, विजयलक्ष्मी विहान की कोर्ट ने दो लोगों को दस और सात साल की सजा के साथ एक लाख 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि 3 नवंबर 2016 को रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सौपी तहरीर मैं कहा था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर से लापता हो गई है।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी। किशोरी की तलाश मैं जुटी पुलिस को दो दिसम्बर 2016 को मुखबिर से किशोरी के रोडवेज स्टेशन के पास होने की सूचना मिली सूचना पर पुलिस ने मौके से किशोरी को बरामद कर लिया।
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पूछताछ मैं किशोरी ने बताया कि मेरठ निवासी गोपाल विश्वास पुत्र बादल विश्वास और सितारगंज निवासी समीर पुत्र सुनील चक्रवर्ती ने उसे दिनेशपुर में सवा महीने तक बंधक बनाकर रखा था।
आरोप है कि समीर उसे बहला फुसलाकर घर से लाया और उसके साथ छेड़छाड़ की जबकि गोपाल ने उसके साथ दुराचार किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस द्वारा मामले मैं आरोप पत्र दाखिल करने के बाद मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, विजय लक्ष्मी विहान की अदालत मैं पहुंचा यहाँ आरोपियों पर दोष सिद्ध होने पर शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, विजय लक्ष्मी
विहान की अदालत ने आरोपी गोपाल को दस साल की सजा और 95 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ ही समीर को सात साल की सजा और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। - शशि चाढ़क, शिक्षिका