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Dehradun News: इमरान ने फर्जीवाड़े से रिंग रोड की जमीन की कराई थी करोड़ों की डील
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रजिस्ट्री के खेल का जालसाज वकील इमरान अब तक कई फर्जीवाड़े कर चुका है। इनमें से एक रिंग रोड स्थित राजकुमारी पद्मावती कुमारी देवी की जमीन से ही संबंधित है।
बताया जा रहा है कि इस जमीन को एक सफेदपोश ने 15 करोड़ रुपये में खरीदा है। हालांकि, सफेदपोश को इसकी पहले से जानकारी थी या नहीं यह जांच का विषय है, लेकिन करोड़ों की यह डील शहर के एक कारोबारी ने बतौर बिचौलिया बनकर कराई थी। इस मामले में भी यदि जांच गहराई से हुई तो कई बड़े लोग बेनकाब हो सकते हैं।
बता दें कि रजिस्ट्रार ऑफिस में मुख्य जालसाज के रूप में अभी तक इमरान का नाम ही सामने आया है। उसने पूर्व कर्मचारी डालचंद के साथ मिलकर ऐसी कई जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाए जिन पर सालों से किसी ने आकर नहीं देखा था। इन्हीं में से सैकड़ों बीघा जमीन राजकुमारी पद्मावती से संबंधित है। सूत्रों के अनुसार रिंग रोड स्थित एक जमीन के कुछ साल पहले फर्जी दस्तावेज बनाए गए। इसके बाद इस जमीन को दूसरे किसी व्यक्ति के नाम पर किया गया। अब इसके लिए इमरान को कोई खरीदार चाहिए था। इसके लिए उसने कारोबारी से संपर्क किया।
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कारोबारी ने एक सफेदपोश व्यक्ति से संपर्क किया और इसकी 15 करोड़ रुपये में डील कराई। डील पक्की हुई और इसकी फर्जीवाड़े से ही रजिस्ट्री भी कर दी गई। अब पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में कई बड़े-बड़े बेनकाब होंगे।
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इमरान की तलाश में दबिश शुरू
पुलिस ने इमरान वकील की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिन से अर्पित और इमरान दोनों के मोबाइल नंबर बंद हैं। इसके लिए पुलिस ने बिजनौर, सहारनपुर और अन्य जगहों के लिए टीमों को रवाना किया है। बताया जा रहा है कि इमरान और अर्पित कचहरी में किसी अन्य अधिवक्ता या कर्मचारी के बहुत ज्यादा संपर्क में नहीं रहते थे।
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एक अफसर से भी ज्यादा जानता था डालचंद
पूर्व कर्मचारी डालचंद को रजिस्ट्रार कार्यालय की हर बारीकी का पता था। वह कई अधिकारियों का चहेता रहा है। उसे पुरानी जमीनों के बारे में इतनी जानकारी थी कि किसका बैनामा किस सन में हुआ और किसके नाम पर अब वर्तमान में यह जमीन है। कार्यालय में रखी हर जिल्द के बारे में उसे पूरी जानकारी थी। इस बात को इमरान बखूबी जानता था। लिहाजा, दोनों ने इस खेल को बड़ी ही चतुराई से अंजाम दिया।
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बड़े लोगों के नाम नहीं खुले तो उठाएंगे सीबीआई जांच की मांग : शर्मा
देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि इमरान इस काम का छोटा खिलाड़ी है। इस बात की पूरी संभावना है कि उसने बहुत बड़े लोगों के साथ मिलकर यह सारा खेल खेला है। यदि पुलिस की जांच में उनका नाम नहीं आता है तो अधिवक्ता संघ इसके लिए सीबीआई जांच की मांग करेगा। इसके लिए चाहे मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़े या कोर्ट की शरण में जाना पड़े। पुलिस से यही मांग है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों के नामों का खुलासा होना चाहिए।
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बताया जा रहा है कि इस जमीन को एक सफेदपोश ने 15 करोड़ रुपये में खरीदा है। हालांकि, सफेदपोश को इसकी पहले से जानकारी थी या नहीं यह जांच का विषय है, लेकिन करोड़ों की यह डील शहर के एक कारोबारी ने बतौर बिचौलिया बनकर कराई थी। इस मामले में भी यदि जांच गहराई से हुई तो कई बड़े लोग बेनकाब हो सकते हैं।
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बता दें कि रजिस्ट्रार ऑफिस में मुख्य जालसाज के रूप में अभी तक इमरान का नाम ही सामने आया है। उसने पूर्व कर्मचारी डालचंद के साथ मिलकर ऐसी कई जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाए जिन पर सालों से किसी ने आकर नहीं देखा था। इन्हीं में से सैकड़ों बीघा जमीन राजकुमारी पद्मावती से संबंधित है। सूत्रों के अनुसार रिंग रोड स्थित एक जमीन के कुछ साल पहले फर्जी दस्तावेज बनाए गए। इसके बाद इस जमीन को दूसरे किसी व्यक्ति के नाम पर किया गया। अब इसके लिए इमरान को कोई खरीदार चाहिए था। इसके लिए उसने कारोबारी से संपर्क किया।
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कारोबारी ने एक सफेदपोश व्यक्ति से संपर्क किया और इसकी 15 करोड़ रुपये में डील कराई। डील पक्की हुई और इसकी फर्जीवाड़े से ही रजिस्ट्री भी कर दी गई। अब पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में कई बड़े-बड़े बेनकाब होंगे।
इमरान की तलाश में दबिश शुरू
पुलिस ने इमरान वकील की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिन से अर्पित और इमरान दोनों के मोबाइल नंबर बंद हैं। इसके लिए पुलिस ने बिजनौर, सहारनपुर और अन्य जगहों के लिए टीमों को रवाना किया है। बताया जा रहा है कि इमरान और अर्पित कचहरी में किसी अन्य अधिवक्ता या कर्मचारी के बहुत ज्यादा संपर्क में नहीं रहते थे।
एक अफसर से भी ज्यादा जानता था डालचंद
पूर्व कर्मचारी डालचंद को रजिस्ट्रार कार्यालय की हर बारीकी का पता था। वह कई अधिकारियों का चहेता रहा है। उसे पुरानी जमीनों के बारे में इतनी जानकारी थी कि किसका बैनामा किस सन में हुआ और किसके नाम पर अब वर्तमान में यह जमीन है। कार्यालय में रखी हर जिल्द के बारे में उसे पूरी जानकारी थी। इस बात को इमरान बखूबी जानता था। लिहाजा, दोनों ने इस खेल को बड़ी ही चतुराई से अंजाम दिया।
बड़े लोगों के नाम नहीं खुले तो उठाएंगे सीबीआई जांच की मांग : शर्मा
देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि इमरान इस काम का छोटा खिलाड़ी है। इस बात की पूरी संभावना है कि उसने बहुत बड़े लोगों के साथ मिलकर यह सारा खेल खेला है। यदि पुलिस की जांच में उनका नाम नहीं आता है तो अधिवक्ता संघ इसके लिए सीबीआई जांच की मांग करेगा। इसके लिए चाहे मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़े या कोर्ट की शरण में जाना पड़े। पुलिस से यही मांग है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों के नामों का खुलासा होना चाहिए।