Dehradun News: नगर निगम में शामिल 72 गांवों की 1600 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे, सब पर चलेगा बुलडोजर
वर्ष 2018 में नगर निगम में आसपास के 72 गावों को शामिल किया गया था। कुछ माह पहले निगम ने नए शामिल गांवों के साथ ही आसपास के गांवों की राजस्व विभाग के साथ संयुक्त पैमाइश की।
विस्तार
नगर निगम में शामिल हुए 72 गांवों की 138 हेक्टेयर यानी करीब 1600 बीघा भूमि पर लोग अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त पैमाइश के बाद यह तस्वीर सामने आई। नगर निगम सुरक्षित जमीन को कब्जे में लेने के बाद अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाएगा।
वर्ष 2018 में नगर निगम में आसपास के 72 गावों को शामिल किया गया था। कुछ माह पहले निगम ने नए शामिल गांवों के साथ ही आसपास के गांवों की राजस्व विभाग के साथ संयुक्त पैमाइश की। इसके बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इन गांवों की कुल 706 हेक्टेयर भूमि नगर निगम के नाम पर आई। इसमें से कुछ भूमि विभागों, संस्थानों, कब्रिस्तान आदि को आवंटित है। 138 हेक्टेयर भूमि ऐसी पाई गई है, जिन पर अवैध कब्जा है।
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तारबाड़ और चाहरदीवारी बनाएगा निगम
पैमाइश के बाद अब नगर निगम जितनी भी भूमि कब्जा मुक्त है, उन पर कब्जा लेगी। इसके लिए निगम की जमीन पर तारबाड़ के साथ ही चाहरदीवारी निर्माण होगा। इसके बाद जिन जमीनों पर अवैध कब्जे हैं, उनके खिलाफ निगम अभियान चलाकर अपना कब्जा लेगी।
नाले-खालों पर सबसे ज्यादा कब्जे
नए शामिल गांव में अधिकांश कब्जे नालों-खालों और उनसे सटी जमीनों पर हैं। कई जगहों पर तो नालों-नालियों को पाटकर उन पर कब्जा किया गया है। सबसे अधिक कब्जे मोथरोवाला, बंजावाला, चिडोवाली, धोरणखास, गुजराड़ा मानसिंह, चंद्रबनी, मोहकमपुर खुर्द, कंडोली, आमवाला, डांडा धोरण, सौंधोवाली, हरिपुर, ढाकपट्टी, चिडोवाली,आमवाला तरला, चालंग, डांडा लाखौंड आदि क्षेत्रों में पाए गए हैं।
107 गांवों का हुआ निरीक्षण
निगम और राजस्व विभाग ने कुल 107 गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर पैमाइश की। 72 गावों के साथ ही अन्य गावों में भी बड़ी मात्रा में कब्जे मिले हैं।
नगर निगम में शामिल 72 गांवाें की जमीनों की सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। 72 गांवों की लगभग 706 हेक्टेयर भूमि नगर निगम के नाम आई है। इसमें से लगभग 138 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे पाए गए हैं। पहले सुरक्षित भूमि को निगम तारबाढ़, चाहरदीवारी आदि कर अपने कब्जे में लेगा। इसके बाद अवैध कब्जे वाली भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
-राहुल कैंथोला, भूमि कर अधीक्षक