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आईआईटी की इस तकनीक से फर्राटा भरेंगी ट्रेनें
अंकित कुमार गर्ग/ अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 21 Jan 2016 03:17 PM IST
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रेल मंत्रालय ने देश की तीन आईआईटी में ‘सेंटर फॉर रेलवे रिसर्च सेंटर’ (सीआरआर) की स्थापना के लिए हरी झंडी दे दी है।
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रेल मंत्रालय और आईआईटी रुड़की, मुंबई व मद्रास के बीच एमओयू हाल में साइन किए गए। तीनों आईआईटी संस्थान रेल परियोजनाओं में हाईस्पीड ट्रेन के संचालन, सुरक्षित व आरामदेह यात्रा संबंधी तकनीक विकसित करेंगे। साथ ही रेलवे पुल, रेल इंजन, वैगन, कोच, इलेक्ट्रिसिटी और स्टेशन आदि को हाईटेक बनाने की दिशा में भी काम होगा।
आईआईटी रुड़की को अरसे से रेल मंत्रालय से ‘सेंटर फॉर रेलवे रिसर्च सेंटर’ की स्थापना के लिए हरी झंडी का इंतजार था। गत 22 दिसंबर को दिल्ली में रेल मंत्री सुरेश प्रभु की मौजूदगी में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी ने सीआरआर के एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
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डीन रिसर्च प्रो. मनोरंजन परेरा ने बताया कि इस दौरान आईआईटी मुंबई और मद्रास में भी रेलवे शोध केंद्र खोलने के लिए एमओयू पर साइन हुए। प्रो. परेरा ने बताया कि आईआईटी रुड़की में केंद्र के अंतर्गत मुख्य रूप से सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का इंफ्रास्ट्रक्चर विंग काम करेगा। इसके अलावा मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रानिक डिपार्टमेंट के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
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एमओयू साइन होने के बाद रिसर्च सेंटर की शुरूआत हो चुकी है। अब परियोजना के कार्यों के लिए केंद्र के रोडमैप और बजट का इंतजार है। उसके बाद ही कार्य को गति मिलेगी।
- प्रो. मनोरंजन परेरा, डीन रिसर्च, आईआईटी रुड़की