IIM में बेटियों ने छुआ आसमान, मिला बंपर सेलेरी पैकेज
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आईआईएम में पढ़ने वाली छात्राओं को काशीपुर का पर्यावरण भाया है। पीजीपी में दो छात्राओं का नेशनल और इंटरनेशनल में कंपनी में चयन होने बाद भी वह आईआईएम और शहर के एनजीओ के बच्चों से फिर मिलने जरूर आएंगे। छात्राओं ने महिला सुरक्षा के लिए शहर की तारीफ की।
भारतीय प्रबंध संस्थान में पीजीपी का डिप्लोमा प्राप्त करने के साथ-साथ उनका प्लेसमेंट भी हुआ है। इसमें भारी भरकम पैकेज भी मिला है, लेकिन देश, विदेश में नौकरी करने के साथ वह काशीपुर शहर को नहीं भूलेंगी। दो साल में उनका इस शहर से लगाव हो गया है। पढ़ाई के माध्यम से इतनी सुंदर जगह का अहसास हुआ।
उन्होंने माना है कि वह एक महिला एनजीओ के गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच किमी से अधिक आना-जाना पड़ता था। कभी देर रात भी आना होता था, लेकिन यहां पर महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। दिल्ली की अपेक्षा यहां पर कभी कोई छेड़छाड़ की घटनाएं नहीं होती हैं। वह कहीं भी चली जाए लेकिन वह बाद में यहां वापस जरूर आएंगी।
प्रकाश जावड़ेकर ने किया
फरीदाबाद निवासी पीजीपी का डिप्लोमा प्राप्त गिन्नी तेवतिया कहती हैं कि पढ़ाई करने के साथ-साथ वह शनिवार, रविवार को चैती चौराहा स्थित सरकारी स्कूल, महिला एनजीओ के गरीब बच्चों को पढ़ाने, नई चीजों को सिखाने के साथ फंड भी देती थी। उनका चयन नाइजीरिया की एफएमसीजी कंपनी में 56 लाख के पैकेज पर चयन किया गया। वह मई में ज्वाइन करेंगी। वह विदेश में नौकरी के साथ-साथ ग्रामीण एनजीओ और महिलाओं से जुड़ी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में महिलाएं स्वतंत्र होकर नहीं घूम सकती हैं, लेकिन यहां पर पढ़ाने के बाद जाना कि इस छोटे शहर में भी महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा गया है। वह लौटकर काशीपुर जरूर आएंगी। पीजीपी में डिप्लोमा प्राप्त प्रतीका सैनी का मानना है कि किसी भी विषय से पढ़ाई करो लेकिन विषय में पूरा दक्ष होना चाहिए। प्रतीका भी एनजीओ में जाकर गरीब बच्चों की मदद करती रही। उनका चयन मुंबई आईसीआईसीआई बैंक में अच्छे पैकेज पर हुआ है। वह मई में ज्वाइन करेंगी। वह महीने गरीब बच्चों के लिए दान देती रहेंगी।
उनको काशीपुर का शहर बहुत अच्छा लगा। यहां पर मन को शांति मिलती है। वह नौकरी कहीं भी करें लेकिन वह समय पर आती रहेंगी। नागपुर की रहने वाली प्रिया तलवले का यस बैंक में 26 लाख रुपये के पैकेज में चयन हुआ है। वह अमेरिका में भी काम कर चुकी हैं। उनका मानना है कि लड़कियां लड़कों से अब किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि काशीपुर का वातावरण उन्हें अच्छा लगा।
नीला गाउन पहने 149 विद्यार्थियों ने एक साथ जब हैट उड़ाकर अपनी खुशी का इजहार किया तो वहां मौजूद हर शख्स ने उनका जमकर उत्साह बढ़ाया। मौका था आईआईएम के पांचवें दीक्षांत समारोह का। पीजीपी में ए श्रीनाथ रेड्डी और ईपीजीपीएम में हर्षराज को गोल्ड मेडल मिला, जबकि पीजीपी में ही अदित्य पचवारिया और ईपीजीएम में समीर कुमार मिश्रा को सिल्वर मेडल मिला। पीजीपी में वैभव शर्मा को कांस्य पदक मिला जबकि ऑल राउंड परफॉर्मेंस का अवार्ड अनुभव मुखर्जी को मिला।
कुंडेश्वरी रोड स्थित आईआईएम के नए कैंपस में पांचवां दीक्षांत समारोह भव्यता से मनाया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा होनी चाहिए और शोध संस्थानों में युवाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो गरीबों का भला करे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने नए कैंपस का भी उद्घाटन किया। आईआईएम के चेयरमैन ध्रुव एम शॉने ने कहा कि अब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) का युग है। बिजनेस में दुनियाभर में एक दूसरे से जुड़े अरबों कंप्यूटर्स की क्षमता का उपयोग करना ही आईओटी है। उपभोक्ताओं की संस्तुति पर केंद्रित सामाजिक मार्केटिंग एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है।