ट्रांसफर रुकवाने को दारोगा ने लगाई 'पॉवर', IG ने कर दिया सस्पेंड
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तबादला रुकवाने के लिए नेताजी से सिफारिश करवाना हरिद्वार में तैनात दारोगा गजेन्द्र यादव को काफी महंगा पड़ गया। आईजी ने संजय गुंज्याल ने इसे गंभीरता से लेते हुए दारोगा का निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही दारोगा की चरित्र पंजिका में भी स्थानांतरण आदेश का अनुपालन करने के बजाए उसे सिफारिश से प्रभावित करने का जिक्र कर दिया गया है।
पुलिस विभाग में राजनीतिक रसूख के सहारे अफसरों के आदेश को ठेंगा दिखाने की घटनाएं आम हैं। इसका उदाहरण बाते दिनों पुलिस विभाग में हुए 69 दारोगा के तबादलों के संदर्भ देखा गया।
निलंबन आदेश में लिखा, 'सिफारिश बर्दाश्त नहीं होगी'
कुछ नेताओं की सिफारिश पर देहरादून के एसएसपी को दो दर्जन दारोगाओं को इधर से उधर करने के आदेश को अगले दिन ही रोकना पड़ा। कई चौकी प्रभारियों ने तो चार्ज ले लिया, लेकिन दूसरे दारोगा टस से मस नहीं हुए। इनमें हरिद्वार में तैनात दारोगा गजेन्द्र यादव भी रहे।
ध्यान रहे कि गढ़वाल रेंज के आईजी संजय गुंज्याल ने लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे दारोगाओं को पहाड़ों का रास्ता दिखाया था। इनमें हरिद्वार में तैनात दारोगा (विशेष श्रेणी) गजेन्द्र यादव भी थे।
गजेन्द्र का तबादला प्रशासनिक आधार पर चमोली किया गया था। राज्य गठन के बाद से गजेन्द्र देहरादून और हरिद्वार में तैनात रहे।
सत्ता पक्ष के एक नेता ने की थी सिफारिश
आईजी के आदेश के बावजूद गजेन्द्र ने अपना स्थान नहीं छोड़ा और स्थानांतरण रुकवाने के लिए राजनीतिक सिफारिश का सहारा लिया। तबादला आदेश निरस्त कराने के लिए गजेन्द्र ने सत्ता पक्ष के एक नेता की सिफारिश लगाई। आईजी ने नेताजी को करारा जवाब तो दिया ही साथ ही दारोगा का निलंबित कर दिया।
आईजी स्थानांतरण आदेश का अनुपालन करने के बजाए उसे प्रभावित करने के लिए राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के नियम-24 का उल्लंघन का दोषी माना है।