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आईएफएस संजीव चतुर्वेदी केस: एम्स दिल्ली के निदेशक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को अवमानना नोटिस

Sun, 30 Jun 2019 09:58 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 30 Jun 2019 09:58 AM IST
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ifs sanjeev chaturvedi case AIIMS delhi director and central health secretary get Contempt notice
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी - फोटो : फाइल फोटो

आईएफएस संजीव चतुर्वेदी के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 50 हजार जुर्माना अदा नहीं करने पर हाईकोर्ट ने एम्स दिल्ली के निदेशक और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है।

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नैनीताल हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन को अवमानना नोटिस जारी कर 26 जुलाई तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि क्यों न आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।

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कैट की कोर्ट में याचिकाकर्ता ने दो प्रार्थनापत्र दाखिल किए थे

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने हाईकोर्ट में अवामानना याचिका दायर कर कहा था कि कैट की कोर्ट में याचिकाकर्ता ने दो प्रार्थनापत्र दाखिल किए थे।

एक में उन्होंने कहा था कि उनकी चरित्र पंजिका में दर्शाए गए जीरो अंकन मामले में केंद्र सरकार का हलफनामा झूठा है। उन्होंने इस मामले में आपराधिक केस चलाने का आदेश पारित करने की मांग की थी। दूसरे प्रार्थनापत्र में उन्होंने (संजीव ने) एम्स दिल्ली में घपलों का उल्लेख किया था। साथ ही यह भी कहा कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।

एम्स में अनियमितता के 13 मामले पकड़े थे

संजीव चतुर्वेदी के अनुसार 2014 में उन्होंने एम्स में अनियमितता के 13 मामले पकड़े थे। इसके बाद उन्हें एम्स से हटा दिया गया। कैट की कोर्ट ने दोनों मामलों में जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए थे।

उनके प्रार्थनापत्रों पर हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष संजीव की एसीआर में जीरो अंकन को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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जुर्माना 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित कर हाईकोर्ट के आदेश को सही माना और जुर्माना 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया।

इसके बाद याचिकाकर्ता  ने 26 जून को हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एम्स के निदेशक व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया।

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