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पदोन्नति नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी
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देहरादून। कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने पदोन्नति समेत कर्मचारियों की अन्य मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में कर्मचारियों ने डोईवाला एसडीएम पर कर्मियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके अलावा कई कर्मचारियों के मामले लंबे समय से अटकाए हुए हैं।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत और सचिव सुशील बड़ोनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पद पिछले एक साल से खाली पड़े हैं। गढ़वाल मंडलायुक्त ने प्रकरण में आपत्ति लगाकर वापस भेज दिया था। आपत्ति के बिंदुओं का निपटारा करने के बजाय अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी जा रही है, जो ठीक नहीं है। इसके कारण पदोन्नति नहीं हो पाई है। दूसरी ओर डोईवाला एसडीएम पर आरोप लगाया कि वो कर्मचारियों को शाम पांच बजे के बाद भी कार्यालय में रुकने के लिए के लिए मजबूर कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने पारिवारिक परेशानी के चलते मुख्यालय अथवा नजदीकी तहसील में तैनाती की मांग करने वाले कर्मचारियों के मामले में कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्मिकों को मुख्यालय या नजदीकी तहसील में तैनाती दी जाए। उन्होंने कनिष्ठ लिपिक दीपक थापा का तबादला रोस्टर के अनुसार चकराता के बजाय त्यूणी करने की मांग की और एक वर्ष पूर्व निलंबित किए गए कनिष्ठ लिपिक हेमेंद्र कुमार को जांच रिपोर्ट के बावजूद बहाल न करने पर नाराजगी जताई।
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कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत और सचिव सुशील बड़ोनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पद पिछले एक साल से खाली पड़े हैं। गढ़वाल मंडलायुक्त ने प्रकरण में आपत्ति लगाकर वापस भेज दिया था। आपत्ति के बिंदुओं का निपटारा करने के बजाय अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी जा रही है, जो ठीक नहीं है। इसके कारण पदोन्नति नहीं हो पाई है। दूसरी ओर डोईवाला एसडीएम पर आरोप लगाया कि वो कर्मचारियों को शाम पांच बजे के बाद भी कार्यालय में रुकने के लिए के लिए मजबूर कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने पारिवारिक परेशानी के चलते मुख्यालय अथवा नजदीकी तहसील में तैनाती की मांग करने वाले कर्मचारियों के मामले में कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्मिकों को मुख्यालय या नजदीकी तहसील में तैनाती दी जाए। उन्होंने कनिष्ठ लिपिक दीपक थापा का तबादला रोस्टर के अनुसार चकराता के बजाय त्यूणी करने की मांग की और एक वर्ष पूर्व निलंबित किए गए कनिष्ठ लिपिक हेमेंद्र कुमार को जांच रिपोर्ट के बावजूद बहाल न करने पर नाराजगी जताई।
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