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उत्तराखंड: उपनल कर्मचारियों पर सरकार की सख्ती, काम पर न लौटने वाले कर्मियों के स्थान पर होगी नई भर्ती

Fri, 16 Apr 2021 08:52 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Fri, 16 Apr 2021 08:52 AM IST
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uttarakhand news : If the upnl subaltern employees do not return to work, they will recruit new ones
हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार को दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने 17 अप्रैल तक काम पर न लौटने वाले कर्मियों के स्थान पर नई भर्ती करने की चेतावनी जारी की। साथ ही कोरोना का हवाला देते हुए उन्होंने हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील भी की।

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उपनल कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण दून समेत तमाम अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई हैं। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद दून अस्पताल पर दबाव बढ़ा है, लेकिन कर्मियों की हड़ताल के कारण व्यवस्थाएं बनाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कोरोना को देखते हुए कार्मिकों से दोबारा सेवा से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि शनिवार 17 अप्रैल तक सेवा न देने वाले कार्मिकों की जगह दूसरे कर्मी उपलब्ध कराने के लिए उपनल को पत्र लिखा जाएगा।
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वहीं, उपनल के प्रदेश महामंत्री हेमंत रावत ने कहा कि यह कर्मचारियों को धमकाने की कोशिश है। उपनलकर्मियों को बाहर न निकालने की बात सैनिक कल्याण मंत्री समेत तमाम स्तरों से हो चुकी है। अगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ऐसा कुछ करता है तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। हम एमडी उपनल से भी इस संबंध में बातचीत करेंगे।

आंदोलित उपनल कर्मचारियों का मुख्यमंत्री आवास कूच कल

वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 53 दिन से आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास कूच करने का एलान किया है। पदाधिकारियों का साफ शब्दों में कहना है कि उपनल कर्मचारी पिछले 53 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार शासन स्तर पर उनकी मांगों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री हेमंत सिंह रावत का कहना है कि सरकार शासन उपनल कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाह रही है, लेकिन ऐसा कतई नहीं होने दिया जाएगा। उपनल कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत सिंह रावत ने बताया कि विभिन्न जनपदों में आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों द्वारा अब 17 अप्रैल को होने वाली रैली में सम्मिलित होने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री आवास कूच में प्रदेश भर से 8000 से अधिक उपनल कर्मचारी शामिल होंगे। 

धरने में मुख्य संयोजक आंदोलन महेश भट्ट, महामंत्री हेमन्त रावत, विनोद गोदियाल, दीपक चौहान, विजय राम खंखरियाल, विपिन सवाल, भावेश जगूड़ी, हरीश कोठारी, हरीश पनेरु, दीवान सिंह, अमित लाल, जितेंद्र बिष्ट, संदीप रावत, भारतेंदु नेगी, योगेंद्र बडोनी, दीपा नेगी, दीपक नौडियाल, गरिमा डोभाल, विनय कुमार, विनय प्रसाद, हरीश पनेरु, भूपेश कुमार शुक्ला, विजय प्रकाश, बहादुर सिंह भाकुनी, हिमांशु जुयाल, तरपन सिंह चौहान, मोहन सिंह नेगी, राकेश राणा दीपक भट्ट, मुकेश नेगी, विमल गुप्ता, राहुल राणा, वंदना, सरस्वती, मनीषा, अनमोल आदि शामिल रहे।

आप ने उपनल कर्मचारियों के कूच का किया समर्थन

आम आदमी पार्टी ने पिछले लंबे समय से आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों के सचिवालय कूच का समर्थन किया है। 17 अप्रैल को उपनल कर्मी रैली निकाल कर सचिवालय का घेराव करेंगे। जिसमें आप कार्यकर्ताओं भी बढ़ चढ़ कर भाग लेंगे। 

आप प्रवक्ता संजय भट्ट और आप उपाध्यक्ष विशाल चौधरी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि लगभग दो महीनों से धरने पर बैठे उपनल कर्मियों ने अपनी बात रखने के लिए भूख हड़ताल की थी, लेकिन सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उपनल कर्मियों को हर बार झूठा आश्वासन दिया गया।

सरकार ने एक समिति का गठन भी किया, लेकिन उस समिति ने उपनल कर्मियों को कोई भी लाभ नहीं पहुंचाया। अब शासन द्वारा ये कहा जा रहा है कि उनकी समान वेतन और नियमतीकरण की मांग को नहीं माना जाएगा। जिससे उपनलकर्मियों में रोष है। 17 अप्रैल को कर्मचारियों में आप कार्यकर्ता बढ़ चढ़ कर भाग लेंगे।

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