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Dehradun News: बिना कारण मरीज को रेफर किया तो होगी कार्रवाई
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II- डीएम ने उपजिला चिकित्सालय में उपकरण, कर्मचारियों की कमी दूर करने की दी स्वीकृति
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Iजिलाधिकारी सविन बंसल ने लंढौर स्थित उपजिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को मरीजों को रेफर करने का कारण लिखना होगा। बिना कारण मरीज को रेफर किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Iनिरीक्षण में आर्थो ओटी नहीं चलने, आईसीयू बंद होने, उपकरण और कर्मचारियों की कमी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने उपकरण और कर्मचारी बढ़ाने की मौके पर ही स्वीकृति दी। साथ ही इसका प्रस्ताव भेजने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय के निर्देश दिए। डीएम ने आर्थो ओटी संचालित करने के लिए भी कहा। डीएम को बताया गया कि अस्पताल में 20 से 25 प्रसव हर महीने होते हैं। इमरजेंसी में करीब 6 से 8 प्रसव के मामले आते हैं, इन्हें जिला चिकित्सालय या दून मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। इस पर डीएम ने अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए शीघ्र प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
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I10 लाख की कीमत की एनेस्थीसिया ट्रॉली को खरीदने की मौके पर ही स्वीकृति दी। साथ ही ब्लड स्टोरेज बनाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए भी कहा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. संजय जैन, डाॅ. खजान सिंह, डाॅ. मीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।I
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II- डीएम ने उपजिला चिकित्सालय में उपकरण, कर्मचारियों की कमी दूर करने की दी स्वीकृति
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Iजिलाधिकारी सविन बंसल ने लंढौर स्थित उपजिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को मरीजों को रेफर करने का कारण लिखना होगा। बिना कारण मरीज को रेफर किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Iनिरीक्षण में आर्थो ओटी नहीं चलने, आईसीयू बंद होने, उपकरण और कर्मचारियों की कमी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने उपकरण और कर्मचारी बढ़ाने की मौके पर ही स्वीकृति दी। साथ ही इसका प्रस्ताव भेजने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय के निर्देश दिए। डीएम ने आर्थो ओटी संचालित करने के लिए भी कहा। डीएम को बताया गया कि अस्पताल में 20 से 25 प्रसव हर महीने होते हैं। इमरजेंसी में करीब 6 से 8 प्रसव के मामले आते हैं, इन्हें जिला चिकित्सालय या दून मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। इस पर डीएम ने अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए शीघ्र प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
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I10 लाख की कीमत की एनेस्थीसिया ट्रॉली को खरीदने की मौके पर ही स्वीकृति दी। साथ ही ब्लड स्टोरेज बनाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए भी कहा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. संजय जैन, डाॅ. खजान सिंह, डाॅ. मीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।I
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