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आईएएस वीक: गुड गवर्नेंस में देश में दसवें स्थान पर उत्तराखंड, रैंकिंग सुधारने का रखा लक्ष्य
Mon, 20 Jan 2020 09:59 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 20 Jan 2020 09:59 PM IST
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आईएएस वीक
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के आईएएस अफसर गुड गवर्नेंस में उत्तराखंड की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने की दिशा में काम करेंगे। आईएएस वीक पर सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने यह निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि गुड गवर्नेंस में उत्तराखंड राष्ट्रीय रैंकिंग में दसवें स्थान पर है। यह वर्ष राज्य स्थापना का 20वां वर्ष है, इसमें राष्ट्रीय रैंकिंग और ऊपर लाना है।
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सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में आयोजित डीएम कान्फ्रेंस मेें मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां का नैसर्गिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन प्रमुख मार्गों व पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य में काफी नए कार्य हो रहे हैं।
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जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी इनमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नवाचार के प्रोजेक्ट सीएसआर पोर्टल पर अपलोड करें। बैठक में विभागीय सचिवों व जिलाधिकारियों ने चल रही परियोजनाओं और नए आइडिया को लेकर पावर पाइंट प्रस्तुति दी।
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सचिवों ने नए विभागीय प्रयोग किए साझा
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ईज ऑफ लिविंग में सचिवों ने विभागों में किए नए प्रयोगों को साझा किया। सचिव विद्यालयी शिक्षा मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए वर्चुअल क्लास, सुपर 100, आनंद कार्यक्रम, जिज्ञासा आदि प्रयोग किए। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य नितेश झा ने प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में अपग्रेड किया जा रहा है। इस साल के अंत तक प्रत्येक आबादी के 10 किमी के दायरे में प्राथमिक चिकित्सा सेवा देने का लक्ष्य तय किया है।
सचिव महिला सशक्तिकरण व बाल विकास सौजन्य ने अनुपूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। कामकाजी महिला छात्रावास निर्माण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, निर्भया, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल पोषण, आंचल अमृत योजना, नंदा गौरा योजना, वन स्टाप सेंटर के बारे में विस्तार से बताया। सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी ने विशेष तौर पर जल जीवन मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि 2024 तक हर घर को पेयजल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। डीएम रुद्रप्रयाग ने मंगेश घिल्डियाल ने क्वालिटी एजूकेशन में सुधार के बारे में जानकारी दी। डीएम नैनीताल सविन बंसल ने नैनीताल में उनके टेली मेडिसिन के लिए किए गए काम पर जानकारी दी।
बढ़ाने होंगे रोजगार तकनीकी कोर्स
दूसरे सत्र में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए जिला प्रशासन स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। रोजगार बढ़ाने वाले कोर्स पर फोकस करना होगा। प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार ने आजीविका के लिए स्थानीय पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर बल दिया।
प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के उच्च शिक्षण संस्थानों का भी निरीक्षण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने संस्थानों में जिला केंद्रित कौशल विकास प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए। सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली ने शहरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम चलाने की बात कही।
नगर आयुक्त देहरादून विनय शंकर पांडेय ने ज़ीरो वेस्ट मॉडल के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह भविष्य का वेस्ट मैनेजमेंट का अच्छा विकल्प हो सकता है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि कचरा को छांटकर वर्गीकरण के लिए छोटे छोटे सेंटर विकसित किए जाए। सीडीओ पिथौरागढ़ वंदना ने पिथौरागढ़ में आजीविका के लिए की जा रही पहलों की जानकारी दी।
ग्रीन ऊर्जा पर देना होगा जोर
तीसरे सत्र में सचिव ऊर्जा राधिका झा ने कहा कि प्रदेश में ग्रीन ऊर्जा को बढ़ावा देने पर तेजी से कार्य करना होगा। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में चीड़ की पत्ती से ऊर्जा उत्पादन में उत्तराखंड तेजी से कार्य कर रहा है। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के विकास के लिए हम सब को मिलकर टीम वर्क के रूप में कार्य करना होगा। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोग होम स्टे जैसी योजनाओं का लाभ उठा सकें इसके लिए एकल खिड़की व्यवस्था का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए फार्म बेस्ड और नॉन-फार्म बेस्ड की योजनाओं को मजबूती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए माइक्रो प्लान पर फोकस करना होगा।