आईएएस स्टिंग केस: चैनल के सीईओ को रांची ले गई देहरादून पुलिस, अब चलेगा राजद्रोह का मुकदमा
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ब्लैकमेलिंग के आरोपी उमेश शर्मा को जमानत और उसके बाद का घटनाक्रम किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा।
शुक्रवार शाम उमेश की रिहाई के आदेश तो हुए, लेकिन जेल से उमेश उसके साथियों के बजाय पुलिस को सौंप दिया गया। यहां से पुलिस रातोंरात उसे लेकर रांची (झारखंड) के लिए रवाना हो गई।
जब तक उमेश के अधिवक्ताओं को इस बात का पता चलता पुलिस दिल्ली के रास्ते रांची के रास्ते पर बढ़ चुकी थी। रांची में दर्ज उसके खिलाफ राजद्रोह के मुकदमे में उमेश को 24 नवंबर को संबंधित न्यायालय में पेश होना है। उमेश के साथ देहरादून पुलिस लाइन से दो दारोगा और चार सिपाहियों को भेजा गया है।
जेल प्रशासन ने रिहा करने से इंकार कर दिया
गत 29 अक्तूबर से जेल में बंद उमेश को 19वें दिन सत्र न्यायालय से थोड़ी राहत मिली थी। माना जा रहा था रिहाई में वक्त लग सकता है, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उसकी बीमारी का हवाला देते हुए हाथ के हाथ रिहाई के आर्डर भी कोर्ट से हासिल कर लिए।
अब जैसे ही वे उमेश को लेने सुद्धोवाला जेल पहुंचे यहां पेंच फंस गया। उमेश का यहां रांची के मुकदमे से संबंधित बी वारंट पहले से ही मौजूद था। ऐसे में जेल प्रशासन ने उसे रिहा करने से इंकार कर दिया। इस पर अधिवक्ता और उसके साथी उमेश को बाहर निकालने की जुगत में जुट गए, मगर जेल प्रशासन ने देहरादून पुलिस को इसकी इत्तला देकर उसे रांची भेजने की तैयारी कर ली।
जेल प्रशासन ने वारंट के साथ उमेश को गारद (पुलिसकर्मियों) को सौंपा
इसके बाद पुलिस उसे नंदा देवी एक्सप्रेस से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। वहां से उसे रांची ले जाया जाएगा। इधर, सुबह दस बजे तक भी उमेश के अधिवक्ताओं और साथियों को इस घटनाक्रम का पता नहीं चल सका था। उमेश के अधिवक्ता एमएम लांबा ने शनिवार दस बजे तक भी इस तरह की किसी बात से इंकार किया था। जबकि, उसे रांची ले जाए जाने की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पुष्टि की है।
राहुल भाटिया ने दर्ज कराए बयान
ब्लैकमेलिंग के मुकदमे में आरोपी राहुल भाटिया ने शनिवार को राजपुर थाने पहुंचकर विवेचक एसओ राजपुर के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं। राहुल भाटिया को गिरफ्तारी स्टे मिला हुआ है। पिछले दिनों एसओ राजपुर अरविंद कुमार ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल करने वाले सभी आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। इससे पहले सौरभ साहनी अपने बयान दर्ज करा चुका है। अभी प्रवीण साहनी और मृत्युंजय मिश्रा बयान दर्ज कराने से रह गए हैं।
कब क्या हुआ...
22 अक्तूबर - राजपुर थाना पुलिस ने कोर्ट से सर्च और गिरफ्तारी वारंट हासिल किया।
28 अक्तूबर - गाजियाबाद स्थित उमेश के घर से उसकी गिरफ्तारी हुई।
29 अक्तूबर - उमेश शर्मा को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।
31 अक्तूबर - उमेश शर्मा की सात घंटे की रिमांड मंजूर की गई।
01 नवंबर - पुलिस ने उमेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ और मसूरी स्थित घर में तलाशी की।
01 नवंबर - उमेश शर्मा के खिलाफ राजपुर थाने में एक और मुकदमा दर्ज हुआ।
02 नवंबर - उमेश शर्मा को कस्टडी रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी खारिज हुई।
02 नवंबर - उमेश शर्मा की जमानत अर्जी निचली अदालत से खारिज हुई।
04 नवंबर - झारखंड की राजधानी रांची में उमेश के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ।
08 नवंबर - सेशन कोर्ट में उमेश की जमानत याचिका दाखिल की गई।
16 नवंबर - सेशन कोर्ट ने उमेश की जमानत याचिका मंजूर की।