आईएएस स्टिंग प्रकरण: उमेश शर्मा की जमानत याचिका खारिज, सात घंटे की पुलिस रिमांड पर देने के आदेश
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न्यायालय ने ब्लैकमेलिंग के आरोपी एक चैनल के सीईओ उमेश शर्मा की सात घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। यह अवधि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक रहेगी।
इसी दरम्यान पुलिस को उमेश से वो तमाम चीजें बरामद करनी होंगी, जिनके लिए पांच दिन का कस्टडी रिमांड मांगा गया था। इसके साथ ही न्यायालय उमेश की जमानत याचिका पर रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद ही फैसला सुनाएगी।
गौरतलब है कि 28 अक्तूबर को पुलिस ने उमेश शर्मा को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद अगले दिन 29 अक्तूबर को एसीजेएम तृतीय रिंकी साहनी की अदालत ने उमेश को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
बचाव पक्ष के कुछ लोग उच्च न्यायालय जाने की बात भी कर रहे थे
इसके साथ ही पुलिस ने उमेश से कुछ अहम चीजें बरामद करने के लिए न्यायालय से पांच दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। मंगलवार को उमेश के अधिवक्ता एमएम लांबा ने जमानत अर्जी भी दाखिल की थी।
बुधवार को न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों के प्रार्थनापत्रों पर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएम लांबा ने पुलिस रिमांड को गैर जरूरी बताया। अपने तर्कों में बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस पहले ही सर्च वारंट लेकर उमेश के घर की तलाशी ले चुकी है।
पुलिस का तर्क था कि वह उमेश से पासवर्ड बरामद करना है। ऐसे में बचाव पक्ष ने इस पर भी तर्क दिया कि सभी इलेक्ट्रोनिक आइटमों को फोरेंसिक लैब भेजा जाना है, लिहाजा वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें कोई निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि, न्यायालय ने अभियोजन के प्रार्थनापत्र पर उमेश शर्मा की सात घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की। पुलिस उमेश को बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे सुद्धोवाला जिला कारागार से लेगी और शाम पांच बजे उसे पुन: दाखिल कराना होगा। बता दें कि पुलिस उमेश से कुछ इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, पासवर्ड और असलाह बरामद करना चाहती है।