आईएएस स्टिंग मामला: टीवी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा को कोर्ट से मिली जमानत
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अपर जिला जज प्रथम आरएस खुल्बे की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि उमेश 29 अक्तूबर से जेल में है। उन्हें 28 अक्तूबर को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
उमेश को जमानत मिलना उत्तराखंड पुलिस के लिए बीते 24 घंटे में यह दूसरा झटका है। दरअसल कल (गुरुवार) ही हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा उमेश का नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की याचिका को खारिज किया था।
इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ आरोपी बने राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुकी है। इस प्रकरण पर चैनल के ही आयुष गौड़ ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
10 अगस्त को आयुष गौड़ की ओर से देहरादून के राजपुर थाने में उमेश शर्मा, राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ एफआईआर कराई थी। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 386, 388 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया।
उमेश शर्मा प्रकरण एक नजर
10 अगस्त - राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
22 अक्तूबर - राजपुर थाना पुलिस ने कोर्ट से सर्च और गिरफ्तारी वारंट हासिल किया।
28 अक्तूबर - गाजियाबाद स्थित उमेश के घर से उसकी गिरफ्तारी हुई।
29 अक्तूबर - उमेश शर्मा को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।
31 अक्तूबर - उमेश शर्मा की सात घंटे की रिमांड मंजूर की गई।
01 नवंबर - पुलिस ने उमेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ और मसूरी स्थित घर में तलाशी की।
01 नवंबर - उमेश शर्मा के खिलाफ राजपुर थाने में एक और मुकदमा दर्ज हुआ।
02 नवंबर - उमेश शर्मा को कस्टडी रिमांड पर लेने की पुलिस की अर्जी खारिज हुई।
02 नवंबर - उमेश शर्मा की जमानत अर्जी निचली अदालत से खारिज हुई।
04 नवंबर - झारखंड की राजधानी रांची में उमेश के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ।
08 नवंबर - सेशन कोर्ट में उमेश की जमानत याचिका दाखिल की गई।
16 नवंबर - सेशन कोर्ट ने उमेश की जमानत याचिका मंजूर की।