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चर्चित स्टिंग ऑपरेशन में फंसे IAS शाहिद उत्तराखंड से हुए विदा

Wed, 12 Aug 2015 08:05 AM IST
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 12 Aug 2015 08:05 AM IST
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IAS officer caught in sting, relieve from uttarakhand.

केंद्र के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार ने स्टिंग आपरेशन मामले में फंसे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद शाहिद को केंद्र के लिए कार्यमुक्त कर दिया। रिलीव होने के बाद शाहिद ज्वाइनिंग के लिए मंगलवार सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए।

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कार्मिक विभाग के आदेशानुसार शाहिद जल संसाधन मंत्रालय में ज्वाइनिंग देंगे। प्रतिनियुक्ति के निरस्त करने वाले आदेश में पिछले तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने को कहा गया है।
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दस अगस्त को केंद्र की चिट्ठी ने राज्य के पूरे तंत्र को हिला दिया। मंगलवार को राज्य सरकार ने सुबह सबसे पहला काम मोहम्मद शाहिद को रिलीव करने का किया। मुख्य सचिव राकेश शर्मा के बाद फाइल पर जैसे ही मुख्यमंत्री का अनुमोदन हुआ तो शाहिद को दिल्ली के लिए रिलीव कर दिया गया।

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केंद्र के कड़े रुख के बाद हुई विदाई

IAS officer caught in sting, relieve from uttarakhand.

गौरतलब है कि केंद्र ने प्रतिनियुक्ति खत्म करने का निर्णय 25 जुलाई को लिया और 27 जुलाई को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कार्यमुक्त करने को कहा। मुख्यमंत्री ने 28 जुलाई को केंद्र को एक पत्र भेजकर निरस्त की गई प्रतिनियुक्ति के मामले में पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

दस अगस्त को केंद्र से एक कड़ा पत्र मिला। इसमें सीएम के आग्रह का कोई जिक्र नहीं था, यह जरूर कहा गया था कि मोहम्मद शाहिद की प्रतिनियुक्ति निरस्त की जा चुकी है। उन्होंने अभी तक केंद्र में ज्वाइनिंग नहीं दी।

पत्र में कहा गया शाहिद कार्यमुक्त होकर 11 अगस्त शाम पांच बजे तक ज्वाइन करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद सरकार को मजबूरी में शाहिद को रिलीव करना पड़ा।

बोले हरीश, पूरे राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा नहीं देखा

IAS officer caught in sting, relieve from uttarakhand.

प्रतिनियुक्ति के कुछ नियम होते हैं, ये नियम भी केंद्र ने ही बनाए हैं। मैंने केंद्र से आग्रह किया था कि शाहिद को जांच पूरी होने तक राज्य में ही रहने दें, लेकिन मेरे आग्रह का केंद्र ने जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा। केंद्र का यह कदम संघीय ढांचे के खिलाफ है। मैंने अपने राजनीतिक जीवन में किसी अफसर के मामले में ऐसा कोई उदाहरण पहले कभी नहीं देखा।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री

पढ़िए, शाहिद ने क्या कहा
मुझे इस मामले में कुछ नहीं कहना। अपने 17 साल के करियर में गुजरात, दिल्ली और उत्तराखंड में जितना काम किया, जितने निर्णय लिए हैं, वे फाइलें आज भी कहीं होंगी, कोई भी अवलोकन कर ले। यदि गड़बड़ी है तो मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। मेरे साथ किसने क्या छल किया, मुझे इस मामले में भी कुछ नहीं कहना है, लेकिन आज भी मैं अपनी बात पर कायम हूं कि सीडी की विषय वस्तु की बुनियाद झूठ है।
-मोहम्मद शाहिद, आईएएस

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