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जल विद्युत परियोजना की बिजली महंगी, लेकिन सौर ऊर्जा की सस्ती : भरत झुनझुनवाला
Thu, 12 Dec 2019 02:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:08 PM IST
सार
- सिंगोली और पीपलकोटी जल विद्युत परियोजनाओं का काम बंद करने की मांग
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भरत झुनझुनवाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीपुल्स फोरम और महिला मंच की ओर आयोजित प्रेसवार्ता में लेखक प्रो. भरत झुनझुनवाला ने मंदाकिनी नदी पर बन रही सिंगोली-भटवाड़ी (99 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना और अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड-पीपलकोटी (444 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना का काम बंद करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से बिजली सस्ती पड़ती है जबकि इन परियोजनाओं की बिजली उपभोक्ताओं को महंगी पड़ती है। ऐसे में दोनों परियोजनाओं को बंद कर सरकार 50750 करोड़ रुपये की बचत कर सकती है।
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बुधवार को पत्रकारों से वार्ता में प्रो. भरत झुनझुनवाला ने निर्माणाधीन सिंगोली-भटवाड़ी और विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजनाओं पर अपनी अध्ययन रिपोर्ट की जानकारी दी। बताया कि दोनों परियोजनाओं से उत्तराखंड और देश को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। सौर ऊर्जा की बिजली तीन रुपये प्रति यूनिट बनती है।
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जबकि इन परियोजनाओं में छह रुपये प्रति यूनिट बिजली बनेगी। इसका सीधा असर बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ऐसे में स्पष्ट है कि उपभोक्ताओं को भविष्य में महंगी बिजली मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जल्द दोनों परियोजनाओं को काम बंद कर दें। इस अवसर पर महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत और पीपुल्स फोरम के जयकृत कंडवाल मौजूद रहे।