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मंचों पर हुआ अपमान, संगठन में चल रहा वन मैन शो : नौटियाल
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देहरादून। पिछले चुनाव में चकराता से भाजपा के टिकट पर लड़ने वाले रामशरण नौटियाल इस्तीफा देने के बाद बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि मंचों पर उनका अपमान हुआ। संगठन में वन मैन शो चल रहा है। पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह संगठन में अनुशासनहीनता को बताया।
इस्तीफे को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने जानकारी न होने की बात पर नौटियाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद न जाकर अपने स्टेनो के जरिये दफ्तर इस्तीफा भेजा था। बाद में किसी भी तरह के संशय को दूर करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल पर भी अधिकारिक इस्तीफा भेज दिया गया।
भाजपा छोड़ने के कारणों पर बोलते हुए रामशरण नौटियाल ने कहा कि किसी भी समर्पित कार्यकर्ता के लिए मान-सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कई वरिष्ठ और कनिष्ठ साथियों का स्नेह उन्हें मिला, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान किया गया। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि मैं कोई ठेके-पट्टे या निजी फायदे के लिए राजनीति में नहीं आया था। मैंने हमेशा केवल अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास की बात रखी।
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पार्टी अनुशासन पर सवाल उठाते हुए नौटियाल ने कहा कि वे भाजपा में यह सोचकर आए थे कि यहां कड़ा अनुशासन है लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर आह्वान को उन्होंने दिल से निभाया, लेकिन पार्टी के भीतर ही कुछ लोग टिकट भी मांगते हैं और पीठ पीछे यह कहते हैं कि उनका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के ही लोग अंदरूनी तौर पर अपने अनुसूचित जाति के मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी करते हैं।
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अगले राजनीतिक कदम पर विचार
कांग्रेस या उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए रामशरण नौटियाल ने कहा कि फिलहाल उन्होंने सिर्फ भाजपा छोड़ी है। किसी अन्य दल की सदस्यता नहीं ली है। उन्होंने कहा कि मैं स्वतंत्र व्यक्ति हूं। राजनीति में निजी स्वार्थ साधने नहीं आया। आगे की राह क्या होगी, इस पर सोच-विचार के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लूंगा।
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इस्तीफे को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने जानकारी न होने की बात पर नौटियाल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद न जाकर अपने स्टेनो के जरिये दफ्तर इस्तीफा भेजा था। बाद में किसी भी तरह के संशय को दूर करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल पर भी अधिकारिक इस्तीफा भेज दिया गया।
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भाजपा छोड़ने के कारणों पर बोलते हुए रामशरण नौटियाल ने कहा कि किसी भी समर्पित कार्यकर्ता के लिए मान-सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कई वरिष्ठ और कनिष्ठ साथियों का स्नेह उन्हें मिला, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान किया गया। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि मैं कोई ठेके-पट्टे या निजी फायदे के लिए राजनीति में नहीं आया था। मैंने हमेशा केवल अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास की बात रखी।
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पार्टी अनुशासन पर सवाल उठाते हुए नौटियाल ने कहा कि वे भाजपा में यह सोचकर आए थे कि यहां कड़ा अनुशासन है लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर आह्वान को उन्होंने दिल से निभाया, लेकिन पार्टी के भीतर ही कुछ लोग टिकट भी मांगते हैं और पीठ पीछे यह कहते हैं कि उनका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के ही लोग अंदरूनी तौर पर अपने अनुसूचित जाति के मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी करते हैं।
अगले राजनीतिक कदम पर विचार
कांग्रेस या उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए रामशरण नौटियाल ने कहा कि फिलहाल उन्होंने सिर्फ भाजपा छोड़ी है। किसी अन्य दल की सदस्यता नहीं ली है। उन्होंने कहा कि मैं स्वतंत्र व्यक्ति हूं। राजनीति में निजी स्वार्थ साधने नहीं आया। आगे की राह क्या होगी, इस पर सोच-विचार के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लूंगा।