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मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कसें लगाम
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Nov 2013 11:09 PM IST
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प्रमुख वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत ने शुक्रवार को वन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने पर जोर दिया। साथ ही संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए जारी किए जाने वाले बजट की उपयोगिता के बारे में भी प्रभागीय वन अधिकारियों से पूछताछ की गई।
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महिला नर्सरी के बारे में जानकारी ली
भारतीय वन्यजीव संस्थान में चल रहे वन संरक्षक कांफ्रेंस के अंतिम दिन डा. रावत ने पिरुल से कोयला बनाने, महिला नर्सरी को प्रोत्साहित करने, कैंपा, कारपस फंड सहित अन्य योजनाओं की जानकारी ली। रावत ने कहा कि विभाग में नई पहल होनी चाहिए, जिससे लोगों को जंगल से जोड़ा जा सके।
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आठ बजे तक चली बैठक
बंदरों और सुअर की समस्या से निजात दिलाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। रात साढ़े आठ बजे तक चली बैठक में अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसके दत्ता, मुख्य वन संरक्षक प्रशासन मुनीष मलिक, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल गंभीर सिंह, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी सुशांत पटनायक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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रेस्क्यू वैन आज होगी रवाना
घायल वन्यजीवों के तत्काल उपचार करने के लिए कैंपा मद से दो रेस्क्यू वैन तैयार की गई हैं। यह वैन प्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा रवाना करेंगे। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। एक वैन गढ़वाल और दूसरी कुमाऊं में रहेगी।