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हबर्टपुर लूटकांड : अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए 11 आरोपियों को दोषमुक्त किया
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न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने हरबर्टपुर के चर्चित लूटकांड के सभी 11 आरोपियों को बृहस्पतिवार को नौ वर्ष बाद दोषमुक्त करार दिया। आरोप था कि हरिद्वार जिले के ज्वालापुर निवासी युवक को युवती के माध्यम से हरबर्टपुर के हरिपुर गांव में बुलाया गया। मौके पर मौजूद दो युवती समेत अन्य ने मिलकर युवक से कार, एटीएम, सोन की चेन और कड़ा लूट लिया था।
न्यायालय ने कहा कि चेन की बरामदगी अविश्वसनीय है। कार की रिकवरी के समय वादी मौजूद नहीं था। एटीएम से रुपये निकालने की बात से वादी ने इनकार किया। चाकू की बरामदगी के समय स्वतंत्र गवाह नहीं था। युवक और युवती की फोन पर बात की सीडीआर और चैट उपलब्ध नहीं करवाई गई। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी 11 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
यह था मामला
15 फरवरी 2016 को हरिद्वार जिले के ज्वालापुर के आर्यनगर शिव विहार निवासी विशाल शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को उसके फोन पर एक अज्ञात युवती का फोन आया। उन्होंंने उसी नंबर पर फोन किया जिसके बाद दोनों में बात और वाट्सएप पर चैटिंग होने लगी। युवती ने अपना मीनाक्षी बताया। उसने उन्हें हरबर्टपुर आने के लिए कहा। जहां उन्हें दो युवतियां मिलीं। एक ने अपना नाम मीनाक्षी और दूसरी युवती को अपनी सहेली बताया। उसने कहा कि उनके दोस्त साजिद, तस्लीम और गुलशेर का एक मकान है। उसने उन्हें चाबी दे रखी है। मकान हरिपुर गांव में है। तीनों मकान में चले गए। वह और मीनाक्षी कमरे में बैठ कर बात कर रहे थे।
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कुछ देर में चार युवक भीतर आए। उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज की किया और थप्पड़ मारे। वह उनसे एटीएम कार्ड, सोने की चेन, कड़ा और कार ले गए। एटीएम कार्ड से 10 हजार रुपये भी निकाल लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट, जबरन वसूली आदि संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस को मुखबिर से आरोपियों पांवटा से कुल्हाल की ओर जान की सूचना मिली। पुलिस ने कार को चेकिंग के लिए रोका। पुलिस ने कार में सवार नाजिम, साजिद, तस्लीम के पास से चाकू और कुछ रुपये बरामद किए। उन्होंने एक साथी के साथ मिलकर लूट की बात कबूली ली। उन्होंने बताया कि घटना में शराफत, सृष्टि पूजा, गुड़िया उर्फ गुरप्रीत कौर, नवाब, हासिम, मुन्ना उर्फ सौहार्द, रणदीप उर्फ काका व शौकत उर्फ शौकी शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसी को डर दिखाकर लूटने का प्लान बनाया था। सृष्टि पूजा ने अपना फर्जी नाम मीनाक्षी बताकर युवक को फोन कर अपने जाल में फंसाया था। पुलिस ने मुकदमे में तीन आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं को बढ़ाया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
ये आरोपी हुए दोषमुक्त
हरियाणा यमुनानगर के खिरजाबाद निवासी नाजिम अंसारी, शराफत, नवाब, शौकत, हासिम विकासनगर के ढकरानी निवासी तस्लीम (हाल निवासी बिजनौर उत्तरप्रदेश), विकासनगर के ढालीपुर निवासी साजिद, हरियाणा यमुनानगर के जगाधरी निवासी गुरप्रीत उर्फ गुड़िया, हरियाणा यमुनानगर के ससौली निवासी सृष्टि पूजा, हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब निवासी रणदीप सिंह, हरियाणा यमुनानगर के छिछरौली निवासी मुन्ना।
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न्यायालय ने कहा कि चेन की बरामदगी अविश्वसनीय है। कार की रिकवरी के समय वादी मौजूद नहीं था। एटीएम से रुपये निकालने की बात से वादी ने इनकार किया। चाकू की बरामदगी के समय स्वतंत्र गवाह नहीं था। युवक और युवती की फोन पर बात की सीडीआर और चैट उपलब्ध नहीं करवाई गई। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी 11 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
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यह था मामला
15 फरवरी 2016 को हरिद्वार जिले के ज्वालापुर के आर्यनगर शिव विहार निवासी विशाल शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को उसके फोन पर एक अज्ञात युवती का फोन आया। उन्होंंने उसी नंबर पर फोन किया जिसके बाद दोनों में बात और वाट्सएप पर चैटिंग होने लगी। युवती ने अपना मीनाक्षी बताया। उसने उन्हें हरबर्टपुर आने के लिए कहा। जहां उन्हें दो युवतियां मिलीं। एक ने अपना नाम मीनाक्षी और दूसरी युवती को अपनी सहेली बताया। उसने कहा कि उनके दोस्त साजिद, तस्लीम और गुलशेर का एक मकान है। उसने उन्हें चाबी दे रखी है। मकान हरिपुर गांव में है। तीनों मकान में चले गए। वह और मीनाक्षी कमरे में बैठ कर बात कर रहे थे।
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कुछ देर में चार युवक भीतर आए। उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज की किया और थप्पड़ मारे। वह उनसे एटीएम कार्ड, सोने की चेन, कड़ा और कार ले गए। एटीएम कार्ड से 10 हजार रुपये भी निकाल लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट, जबरन वसूली आदि संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस को मुखबिर से आरोपियों पांवटा से कुल्हाल की ओर जान की सूचना मिली। पुलिस ने कार को चेकिंग के लिए रोका। पुलिस ने कार में सवार नाजिम, साजिद, तस्लीम के पास से चाकू और कुछ रुपये बरामद किए। उन्होंने एक साथी के साथ मिलकर लूट की बात कबूली ली। उन्होंने बताया कि घटना में शराफत, सृष्टि पूजा, गुड़िया उर्फ गुरप्रीत कौर, नवाब, हासिम, मुन्ना उर्फ सौहार्द, रणदीप उर्फ काका व शौकत उर्फ शौकी शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसी को डर दिखाकर लूटने का प्लान बनाया था। सृष्टि पूजा ने अपना फर्जी नाम मीनाक्षी बताकर युवक को फोन कर अपने जाल में फंसाया था। पुलिस ने मुकदमे में तीन आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं को बढ़ाया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
ये आरोपी हुए दोषमुक्त
हरियाणा यमुनानगर के खिरजाबाद निवासी नाजिम अंसारी, शराफत, नवाब, शौकत, हासिम विकासनगर के ढकरानी निवासी तस्लीम (हाल निवासी बिजनौर उत्तरप्रदेश), विकासनगर के ढालीपुर निवासी साजिद, हरियाणा यमुनानगर के जगाधरी निवासी गुरप्रीत उर्फ गुड़िया, हरियाणा यमुनानगर के ससौली निवासी सृष्टि पूजा, हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब निवासी रणदीप सिंह, हरियाणा यमुनानगर के छिछरौली निवासी मुन्ना।