उत्तराखंड में अब घर और व्यावसायिक भवन बनाना होगा आसान, सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव
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प्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक भवन निर्माण की राह आसान होने जा रही है। इसके लिए आवास विभाग छह नीतियों में बड़े बदलाव करने जा रहा है। इन्हें मंत्रिमंडल की अगली बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। नीतियां पास होने के बाद व्यावसायिक और आवासीय के साथ ही एक नई श्रेणी ‘मिश्रित भवन’ के तहत भी नक्शे पास होंगे।
इस श्रेणी के अस्तित्व में आने से जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इससे एक ही भवन में दुकान और मकान संचालित करना वैध हो जाएगा। मतलब यह कि आवासीय परिसरों में व्यावसायिक कामकाज करने की राह खुल जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक नीतियों में बदलाव करके सरकार अवैध भवनों के नियमितीकरण के लिए एकमुश्त समाधान योजना (वन टाइम सेटलमेंट स्कीम) लाकर उन्हें वैध बनाने का मौका देगी। इसके अलावा व्यावसायिक श्रेणी में मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल, नर्सिंग होम और अस्पताल के निर्माण में कई तरह की छूट भी दी जाएगी। नीतिगत बदलावों से पर्वतीय क्षेत्रों में व्यावसायिक निर्माण के लिए बड़े भूमि क्षेत्रफल की अनिवार्यता खत्म होगी।
भूमि की कमी के चलते बदलेंगे नियम
अब उत्तर प्रदेश के समय के नियमों में बदलाव की तैयारी है। दरअसल, यूपी के समय के इन नियमों में सिनेमा हॉल, मॉल, अस्पताल, नर्सिंग होम आदि के नक्शे पास करने के लिए भूमि का बड़ा क्षेत्रफल अनिवार्य है। नई नीति में घटती भूमि को ध्यान में रख कर कम जगह पर भी ऐेसे व्यावसायिक निर्माण हो सकेंगे। व्यावसायिक भवनों और कॉलोनियों के निर्माण में चौड़ी सड़कों की बाध्यता को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।
रियल एस्टेट में आएगा उछाल
लंबे समय से मंदी के दौर में चल रहे रियल एस्टेट में छह नीतियों में होने वाले संशोधनों से बड़ा उछाल आएगा। व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में दी जाने वाली छूट से वहां भी निर्माण आसान होगा। वहीं प्रदेश में छोटे मॉल और मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों के निर्माण में भी तेजी आएगी।
अवैध भवनों से वसूली पर लगेगी रोक
सरकार अवैध निर्मित परिसरों को वैध बनाने के लिए एक मुश्त समाधान योजना ला रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में अवैध भवन मालिकों से होने वाली वसूली रुकेगी। इस योजना के तहत भवन मालिक कभी भी आवेदन कर कंपाउंडिंग करवा सकेंगे।
आवास विकास की छह नीतियों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसके तहत आवासीय और व्यावसायिक भवन निर्माण आसान होगा। कम होती भूमि को देखते हुए कई नीतिगत बदलाव कर भवन निर्माण को आसान बनाया जा रहा है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री