हनी ट्रैप: युवती ने फोन कर बुलाया और करवा दिया अपहरण, पुलिस जीप को देखकर युवकों को छोड़ भागे बदमाश
Honey trapping In Uttarakhand: शुक्रवार को दयाल फर्टिलाइजर कंपनी में मार्केटिंग का काम करने वाले पप्पू सिंह यादव ने पुलिस को तहरीर सौंपी।
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उत्तराखंड के नानकमत्ता क्षेत्र में हनी ट्रैप का एक मामला सामने आया है। एक युवती ने फोन कर एक युवक को बुलाया तो वह अपने दोस्त के साथ मिलने चला गया। वहां पहले से मौजूद पांच-छह हथियारबंद बदमाशों ने दोनों को खूब पीटा और 50 हजार रुपये की मांग करते हुए उनका अपहरण कर लिया। इत्तफाक से उसी समय वहां से निकली पुलिस जीप को देख बदमाश घबराकर भाग गए। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
शुक्रवार को दयाल फर्टिलाइजर कंपनी में मार्केटिंग का काम करने वाले पप्पू सिंह यादव ने पुलिस को तहरीर सौंपी। उन्होंने बताया कि वह ग्राम कनकपुर कला थाना फरीदपुर जिला बरेली के मूल निवासी हैं और वर्तमान में सरस्वती शिशु मंदिर नानकमत्ता में रहते हैं। पांच सितंबर को उनके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया था। फिर उससे लगातार बात होती रही।
युवती ने उन्हें ग्राम नगला स्थित घर पर मिलने के लिए बुलाया। बृहस्पतिवार की शाम वह अपने दोस्त बसंतपुर नौनेर थाना पूरनपुर जिला पीलीभीत और हाल निवासी बैंक ऑफ बड़ौदा नानकमत्ता सुखदेव सिंह के साथ युवती से मिलने चला गया। घर पहुंचते ही पांच-छह हथियारबंद युवकों ने मारपीट और गालीगलौज करते हुए जबरदस्ती बाइक पर बिठाया और हरैया के जंगल में ले गए।
50 हजार रुपये की मांग की
जंगल में आरोपियों ने 50 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। उन दोनों ने अपने एक अन्य दोस्त को 50 हजार की व्यवस्था करने के लिए फोन किया। आरोपियों ने सुखदेव को रुपये लेने नानकमत्ता भेजा।
इत्तफाक से उसी दौरान पुलिस की गश्ती जीप वहां पहुंची, जिसे देख हथियारबंद युवक घबरा गए। मौका देख कर वह (पप्पू) भी दौड़कर पुलिस जीप के पास पहुंच गया और घटना से पुलिस को अवगत कराया। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
पीड़ित युवक ने बताया कि सभी साथी एक युवक को बूटा सिंह कहकर बुला रहे थे जो ग्राम बिचुवा का है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर बूटा सिंह सहित 5-6 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 384, 504 तथा 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
बत दें कि उत्तराखंड में हनीट्रैप में फंसाकर ठगने के कई मामले आ चुके हैं। पिछले एक साल में पुलिस के पास करीब 20 से अधिक ऐसे मामले आ चुके हैं।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। जांच में जिस प्रकार के तथ्य आएंगे उसी अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज कुमार ठाकुर, सीओ खटीमा