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एचएनबी विश्वविद्यालय: छात्रसंघ चुनाव की मांग के लिए धरने पर बैठे छात्रों से वार्ता करने पहुंचे कुलसचिव

Sat, 27 Nov 2021 08:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 27 Nov 2021 08:17 PM IST
सार

एचएनबी बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग पर चल रहा छात्रों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा।

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HNB University: Registrar arrived to talk to students who sitting on dharna on demand student union elections
धरने पर बैठे छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छात्रसंघ चुनाव करवाने और छात्र परिषद के निर्णय को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र नेताओं से शनिवार को एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति वार्ता करने पहुंचीं।

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आदेश जारी होने के बाद ही धरने से उठने की बात
कुलपति ने छात्र परिषद की जगह छात्र संघ यथावत रखने संबंधी प्रस्ताव देने के लिए कहा ताकि विद्या परिषद (ईसी) में प्रस्ताव पारित करने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को विवि एक्ट में संशोधन करने के लिए भेजा जा सके। उन्होंने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की लेकिन छात्र नेताओं ने अपील ठुकराते हुए आदेश जारी होने के बाद ही धरने से उठने की बात कही। 
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गौरतलब है कि दो सूत्री मांगों के लिए विभिन्न छात्र संगठन संयुक्त छात्र परिषद के बैनर तले आंदोलनरत हैं। शुक्रवार से छात्र गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन का रास्ता रोककर धरने पर बैठ गए। इससे अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयों में प्रवेश नहीं कर पाए। दिन-रात चल रहे धरने को देखते हुए शनिवार को विवि के कुलसचिव डॉ. अजय खंडूृड़ी और नियंता मंडल धरनास्थल पर पहुंचे लेकिन छात्रों ने सिर्फ कुलपति से वार्ता करने की बात कही। कुलसचिव की ओर से सूचना दिए जाने पर कुछ देर बाद कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल मौके पर पहुंचीं। कुलपति ने छात्रों से वार्ता करते हुए कहा कि यूजीसी से छात्र परिषद के गठन के निर्देश मिले हैं।
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सभी छात्र नेता संयुक्त रूप से प्रस्ताव भेजें कि वह छात्र परिषद की जगह छात्रसंघ चाहते हैं। उक्त प्रस्ताव को कार्य परिषद के माध्यम से केेंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसी के साथ विवि की ओर से भी पत्र भेजा जाएगा कि छात्रों की मांग से सहमत हैं। लिहाजा एक्ट में संशोधन की प्रक्रिया की जाएगी। छात्रों ने कहा कि वह प्रस्ताव दे देंगे लेकिन धरना खत्म नहीं होगा।

30 नवंबर को आयोजित होने वाली कार्य परिषद की बैठक में सकारात्मक निर्णय होने पर ही वे धरने से उठेंगे। इस अवसर पर राम प्रकाश, अंकित उछोली, ऋतांशु कंडारी, अंकित रावत, अनमोल भंडारी, देवकांत देवराड़ी, संदीप राणा, पृथ्वी राणा, अमित पड़दाली व सुजीत गैरोला आदि ने आंदोलन के लिए विवि के अड़ियल रवैए को जिम्मेदार ठहराया। 

दूसरे दिन भी ऑफिस में नहीं जा पाए कर्मचारी 
दूसरे दिन भी विवि के अधिकारी-कर्मचारी गेट के बाहर इंतजार करते रहे। वहीं आंदोलन के चलते परीक्षा संबंधी, डिग्री और अन्य कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे बाहर से यहां आने वाले छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 


दीक्षांत समारोह की वजह से है दबाव
1 दिसंबर को गढ़वाल विवि का दीक्षांत समारोह आयोजित होना है। इसके लिए डिग्री बनाने समेत अन्य काम चल रहे हैं। आंदोलन के चलते सभी काम प्रभावित हो गए हैं। इसके चलते विवि के अधिकारी दबाव में हैं। विवि के अधिकारी चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी यह मामला सुलझे। वहीं छात्र भी वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए आंदोलन से पीछे हटने को राजी नहीं है। 

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