कांवड़ यात्राः पुलिस की प्लानिंग ध्वस्त, जाम से हांफ गया हाईवे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे को जाम की गिरफ्त से बचाने के लिए की गई पुलिस की सारी प्लानिंग ध्वस्त हो गई है। करीब दस घंटे से अधिक वक्त हाईवे जाम से जूझता रहा।
मंगलवार सुबह से शुरूहुआ जाम का सिलसिला देर रात तक भी बदस्तूर जारी रहा और रातभर हाईवे पर जाम के हालात बने रहे। जाम में फंसे वाहनों में सवार लोग हलकान हो गए और हाहाकार मच गया। ऐसी स्थिति जब पुलिस की ज्यादा जरूरत थी तब पुलिस कहीं नजर नही आई। कावड़ मेला अपने चरम पर पहुंचते ही मंगलवार की सुबह से हाईवे जाम की गिरफ्त में आना शुरू हो गया। जाम की वजह से लंढौरा से लक्सर-रुड़की तिराहे और लक्सर से हरिद्वार तक का लगभग 15 किलोमीटर लंबा हाईवे पूरी तरह जगह-जगह जाम के हवाले हो गया।
पड़ोसी जनपदों सहारनपुर,मुरादाबाद, मुजफ्फ रनगर के अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से भी भारी वाहनों की बदस्तूर आवाजाही के चलते पुलिस की सारी प्लानिंग फेल हो गई है। हालांकि बड़े वाहनों को डायवर्ज करने के बाद कुछ देर के लिए जाम की गिरफ्त जरूर ढीली पड़ी, मगर वाहनों की लंबी लाइन के चलते हाईवे खुलकर सांस नहीं ले सका।
पुलिस ने नहीं दिखाई चुस्ती
जाम से राहगीरों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा,जहां एक तरफ भीषण जाम लगा था, वहीं प्रचंड गर्मी ने लोगों का पसीने से तरबतर कर दिया। देर रात तक हाईवे पर कांवडिय़ों की आवाजाही बढ़ती गयी, जिसे लेकर पुलिस असहाय नजर आयी। रूट डायवर्जन को बदस्तूर रखा साथ ही वन वे पर भी वाहनों की रफ्तार सीमित करने के लिए प्रयास जारी रहे। दिलचस्प बात यह है कि इस 15 किलोमीटर जाम में कही भी कोई पुलिसकर्मी नजर नही आया पूरी व्यवस्था रामभरोसे रही।
एक दो जगह प्वाइंट्स पर ही पुलिस कर्मी तैनात नजर आए, वहीं कोई अधिकारी भी व्यवस्थाओं का जायजा लेता नजर नही आया। उधर पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि कांवड़ मेला चरम पर पहुंचने के साथ ही कावडिय़ों की भीड़ बढ़ गयी है।
इसलिए थोड़ा जाम की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।