लाडली हत्याकांडः हाईकोर्ट करेगा निगरानी
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हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ की लाडली (काल्पनिक नाम) के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद एसएसपी नैनीताल से उसके लापता होने के बाद तुरंत उठाए गए कदमों की प्रगति रिपोर्ट 28 नवंबर को मांगी है।
कोर्ट ने कहा है कि इस प्रकरण पर नियुक्त पुलिस टीम ही इसकी जांच करेंगी और कोर्ट दिन प्रतिदिन की निगरानी करेगा।
साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने के निर्देश दिया है कि पिछले 14 वर्षों में कितनी महिलाएं व बच्चे इस प्रकार के शिकार हुए हैं।
कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है और कितने केसों को निपटाया जा चुका है, इसकी रिपोर्ट कोर्ट ने मांगी है।
याचिका में की सीबीआई जांच की मांग
एक्टिंग चीफ जस्टिस वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता चेतन जोशी, पंकज चतुर्वेदी व नंदन सिंह कन्याल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पिथौरागढ़ से लाडली अपने मामा की शादी में आई थी।
20 नवंबर को हल्द्वानी शीश महल से वह लापता हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट लिखाई गई थी। याचिका में कहा कि पांच दिन बाद उसका शव, जहां से वह लापता हुई थी उससे 500 मीटर की दूरी पर मिला।
याचिकाकर्ता के मुताबिक यदि पुलिस इसे गंभीरता से लेती तो शायद वह बच सकती थी। वह बच्ची हल्द्वानी से ही बरामद हुई इससे पता चलता है कि पुलिस कितनी लापरवाह है। वह अपनी ड्यूटी निभाने में विफल रही। याचिकाकर्ता ने प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की थी।