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परिजनों का छलका दर्द: एनआईए के दबाव में बेटे ने गुनाह स्वीकारा, अर्द्ध कुंभ में विस्फोट की योजना बनाने पर सुनाई कोर्ट ने सजा

Sun, 05 Jun 2022 07:30 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, लंढौरा (हरिद्वार)
संवाद न्यूज एजेंसी, लंढौरा (हरिद्वार) Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 05 Jun 2022 07:30 AM IST
सार

कोर्ट के फैसले के जानकारी चारों आरोपियों के परिजनों की मिली तो उनकी आंखें भर आई। मोहम्मद ओसामा के परिवार ने कहा कि उनका बेटा होनहार था और उस समय बीए की पढ़ाई कर रहा था। वह कैसे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गया, उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं, मेराज के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे को फंसाया गया है।

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High Court verdict  on planning explosion in Ardh Kumbh, Relatives alleged Son accepted crime under pressure of NIA
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

अर्द्ध कुंभ में विस्फोट की योजना बनाने के मामले में कोर्ट की ओर से सात साल की सजा सुनाए पर मोहम्मद मेराज के परिजन असंतुष्ट दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआईए की ओर से बेटे पर जबरन दबाव बनाया गया है। इसके चलते उसने गुनाह स्वीकार किया है। वहीं, मोहम्मद ओसामा के परिजन फैसले से संतुष्ट दिखे और उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

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हरिद्वार में वर्ष 2016 में आयोजित होने वाले अर्द्ध कुंभ में विस्फोट की योजना बनाने के मामले में एनआईए की टीम ने भगवानपुर चंदनपुर निवासी अखलाकुर उर्फ अखलाक, लंढौरा निवासी मोहम्मद अजीमुशान, मोहम्मद मेराज और जौरासी गांव निवासी मोहम्मद ओसामा उर्फ आदिल समेत पांच को गिरफ्तार किया था। उनके पास से माचिस की तीली के बारूद समेत अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ था। 
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एनआईए ने मुकदमा दर्ज कर सभी को तिहाड़ जेल भेज दिया था। तभी से यह मामला दिल्ली पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने 22 मई को सभी को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है जबकि चार दोषियों पर 24-24 हजार और एक पर 18 हजार का जुर्माना लगाया है।

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बेटा कैसे आतंकी बन गया पता नहीं

कोर्ट के फैसले की जानकारी चारों के परिजनों को शुक्रवार को लगी तो उनकी आंखें भर आई। मोहम्मद ओसामा के परिवार ने कहा कि उनका बेटा होनहार था और उस समय बीए की पढ़ाई कर रहा था। वह कैसे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गया, उन्हें जानकारी नहीं है। परिवार के लोगों ने बताया कि दो माह पहले ही उसकी मां का निधन हुआ है। उसके पिता 2020 में गुजर गए थे। वह कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हैं। वहीं, मेराज के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे को फंसाया गया है। एनआईए के दबाव में बेटे ने गुनाह स्वीकार किया है। कई बार तिहाड़ जेल में बंद उनके बेटे को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कई बार तिहाड़ जेल के डीजी को इस संबंध में भी पत्र लिखा था। वह कोर्ट के इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। वहीं, लंढौरा निवासी अजीम हुसैन के परिजनों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। भगवानपुर चंदनपुर निवासी अखलाक के घर पर ताला लगा मिला। 

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सात से आठ माह में बाहर आएंगे चारों 

मामले में दोषी करार दिए गए अखलाकुर, अजीमुशान, मेराज, मोहम्मद ओसामा पहले ही छह साल से अधिक की सजा जेल में काट चुके हैं। ऐसे में सात से आठ महीने की सजा के बाद रिहा हो जाएंगे। सात से आठ माह बाद जेल से बाहर आने की खबर मिलते ही चारों के परिजन राहत महसूस कर रहे हैं। 

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