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केदारनाथ आपदाः घाटी में अब भी 3200 लोग दफन, मामले में अवमानना पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Sun, 10 Dec 2017 08:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Sun, 10 Dec 2017 08:47 AM IST
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High Court verdict about skeletons found in Kedarnath valley
kedarnath

केदारनाथ में मानव कंकाल मिलने के मामले में जनहित याचिका पर पहले दिए गए आदेश का पालन सरकार ने नहीं किया। घाटी में लगातार नर कंकाल मिल रहे है, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए अब हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव  से 18 दिसंबर तक जवाब मांगा है।

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उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव से 18 दिसंबर तक शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी और तपन सिंह को न्याय मित्र बनाया है।
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केदारनाथ में मानव कंकाल मिलने के मामले में जनहित याचिका पर पहले दिए गए आदेश का पालन न करने पर उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव से 18 दिसंबर तक शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी और तपन सिंह को न्याय मित्र बनाया है।
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उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 19 नवंबर 2016 को अपने आदेश में केदारनाथ आपदा में मारे गए लोगों के परिवार के नाबालिग बच्चों को बालिग होने तक 7500 रुपये प्रति माह देने, आपदा में मारे गए लोगों के शवों को खोजकर धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने, प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने को कहा था।

उच्च न्यायालय ने शवों की खोजबीन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्यों की विशेष टीम बनाने और शव मिलने पर डीएनए की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया था।

क्या कहा गया है याचिका में...

High Court verdict about skeletons found in Kedarnath valley
court
दिल्ली निवासी अजय गौतम ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि आपदा के बाद केदार घाटी से करीब 4200 लोग लापता थे। इनमें से 600 के कंकाल बरामद किये गए थे।

आपदा के चार साल बाद भी 3200 लोग केदारघाटी में दफन हैं। पूर्व में भी न्यायालय ने सरकार को आदेश दिया था कि सरकार केदारनाथ घाटी से शवों को निकाल कर उनका अंतिम संस्कार करवाए, लेकिन सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। अब भी केदारघाटी से शव निकल रहे हैं।

याची ने उच्च न्यायालय से प्रार्थना की थी कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और केदार घाटी से शवों को निकलवा कर उनका अंतिम संस्कार करवाए। गौरतलब है कि केदारनाथ में 2013 की आपदा के बाद मानव कंकाल मिलने का मामला खासा गरमाया था।

कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का लंबा दौर चला। इसी मामले में दायर एक जनहित याचिका के तहत न्यायालय ने 19 नवंबर 2016 को आदेश जारी कर सरकार को कई निर्देश दिए थे।
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