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रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना का रास्ता साफ, मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका खारिज

Thu, 08 Aug 2019 08:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 08 Aug 2019 08:45 AM IST
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High court Rejected Petition against Riverfront Development scheme in dehradun
रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना - फोटो : फाइल फोटो

रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के लिए बिंदाल और रिस्पना के किनारे 94 हेक्टेयर भूमि का प्रबंधन एमडीडीए को दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने ब्राह्मणवाला स्थित करीब 200 बीघा भूमि को जनहित में इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं। इस भूमि पर हक जता रहे लोगों की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। 

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जून 2016 में शहर की नदियों के किनारे 94 हेक्टेयर (लगभग 1100 बीघा) भूमि पार्कों और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए एमडीडीए को देने का  शासनादेश जारी हुआ था। चूंकि, यह भूमि विशेष श्रेणि की है, इसीलिए इसके स्वामित्व की बजाय प्रबंधन एमडीडीए को देने का फैसला हुआ।
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लेकिन, इसी बीच ब्राह्मणवाला स्थित करीब 200 बीघा भूमि के कथित मालिकान फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। इसके साथ ही यह पूरी योजना अटक गई थी। लेकिन, अब हाईकोर्ट ने इस भूमि को जनहित में प्रयोग करने के आदेश देते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।

ब्राह्मणवाला वाली भूमि में कानूनी पेंच हट गया है। शासनादेश तो पूर्व का ही है। ऐसे में अब इस बैठक में मंथन किया गया है। प्रशासन स्तर पर सारी तैयारियां हो चुकी हैं। अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में होगा। 
- सी रविशंकर, जिलाधिकारी

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