उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, राज्य में आबकारी आयुक्त और सचिव एक ही व्यक्ति कैसे?
कोर्ट ने कहा कि यूपी आबकारी एक्ट के प्रावधानों में साफ लिखा है कि आयुक्त के आदेश का सरकार रिव्यू कर सकती है तो कमिश्नर और सचिव एक ही व्यक्ति को कैसे बनाया हुआ है।
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राज्य में आबकारी आयुक्त और सचिव का चार्ज एक ही व्यक्ति को देने पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं। जस्टिस रविन्द्र मैठाणी की कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि कैसे एक ही व्यक्ति को दो चार्ज दिए गए हैं... पूरे विभाग का सर्वेसर्वा तो नहीं बना दिया है? कोर्ट ने सरकार से मंगलवार तक इस मामले में जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब यूपी आबकारी एक्ट के प्रावधानों में साफ लिखा है कि आयुक्त के आदेश का सरकार रिव्यू कर सकती है तो कमिश्नर और सचिव एक ही व्यक्ति को कैसे बनाया हुआ है। ऐसे में गलती की संभावनाएं ज्यादा हो सकती हैं। बताते चलें कि आबकारी एक्ट में इन दोनों अधिकारियों को ज्यूडिशियल पावर होती है।
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दरअसल, देहरादून के अवनीश क्षेत्री की दुकान शिफ्टिंग की याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। इसमें कमिश्नर ने क्षेत्री के खिलाफ आदेश पारित किया तो हाईकोर्ट ने रिव्यू में जाने के लिए। इस पर कोर्ट को बताया गया कि एक ही व्यक्ति को दोनों चार्ज दिए हैं कैसे उन्हें न्याय मिलेगा। इसके बाद कोर्ट ने सरकार से पूछा कैसे एक व्यक्ति को दो चार्ज दिए है मंगलवार तक जवाब फाइल करें।