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हाईकोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:54 PM IST
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उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय की भांति उच्च न्यायालय के जजों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने संबंधी याचिका को खारिज किया दिया है।
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मामले में दायर जनहित याचिका पर उचित फोरम में वाद दायर करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार अब वे सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर करेंगे। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति 62 साल में होती है।
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इनका कार्यकाल सर्वोच्च न्यायालय की तर्ज पर 65 वर्ष किया जाए। याचिकाकर्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति समय पर नहीं हो पाती। अधिकतर पद खाली रहते हैं। इससे वादकारियों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता।
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ऐसे में सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जाए। खंडपीठ ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वे उचित फोरम में वाद दायर करें। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से याचिका को वापस ले लिया गया।