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विरासत महोत्सव : कुमाउनी लोक नृत्य ने बांधा समा, ओडिशी नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध
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- विरासत महोत्सव में चौथे दिन ओडिसी एवं छऊ नृत्यांगना के नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध
-बोले अजय टम्टा- देश-विदेश में लोकप्रिय है विरासत
दून में चल रहे विरासत महोत्सव के चौथे दिन कलाकारों ने कुमाउनी की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं महोत्सव की आखिरी प्रस्तुति में ओडिसी एवं छऊ नृत्यांगना के नृत्य से विरासत का पंडाल झूम उठा।
शुक्रवार को डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेडियम में चल रहे विरासत महोत्सव के चौथे दिन का शुभारंभ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में विरासत लोकप्रिय है। कलाकारों को ईश्वर स्वयं कलाकार बनाता है और यह कलाकार हम सभी के बीच आकर अपना शानदार प्रदर्शन करते हैं। विरासत के दिन की शुरुआत क्राफ्ट वर्कशॉप से हुई। कार्यशाला में राजस्थान से आए राम स्वामी ने छात्राओं को कलाकृति के गुर सिखाए। वही शाम की संध्या में पहली प्रस्तुति गोवा के नृत्य व संगीत की प्रस्तुति से हुई। वही इसके बाद भुर्गियापोनैलो मोग एल्विस गोज़ ने मूल प्रेम गीत की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके बाद अगली प्रस्तुति उत्तराखंड के कुमाऊनी कलाकारों ने दी। इसमें ब्रह्मकमल संस्कृति कला संगम के कलाकारों ने लोक संगीत और कुमाउनी लोक नृत्य के जीवंत प्रदर्शन की प्रस्तुति दी। इन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत कुमाउनी छपेली से की और पारंपरिक कुमाउनी मैथली गीतों के साथ समापन किया। इसके बाद रुचिरा केदार ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके बाद महोत्सव की आखिरी प्रस्तुति ओडिसी एवं छऊ नृत्यांगना के नृत्य की हुई। इसमें प्रसिद्ध नृत्यांगना इलियाना ने ओडिशी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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-बोले अजय टम्टा- देश-विदेश में लोकप्रिय है विरासत
दून में चल रहे विरासत महोत्सव के चौथे दिन कलाकारों ने कुमाउनी की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं महोत्सव की आखिरी प्रस्तुति में ओडिसी एवं छऊ नृत्यांगना के नृत्य से विरासत का पंडाल झूम उठा।
शुक्रवार को डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेडियम में चल रहे विरासत महोत्सव के चौथे दिन का शुभारंभ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में विरासत लोकप्रिय है। कलाकारों को ईश्वर स्वयं कलाकार बनाता है और यह कलाकार हम सभी के बीच आकर अपना शानदार प्रदर्शन करते हैं। विरासत के दिन की शुरुआत क्राफ्ट वर्कशॉप से हुई। कार्यशाला में राजस्थान से आए राम स्वामी ने छात्राओं को कलाकृति के गुर सिखाए। वही शाम की संध्या में पहली प्रस्तुति गोवा के नृत्य व संगीत की प्रस्तुति से हुई। वही इसके बाद भुर्गियापोनैलो मोग एल्विस गोज़ ने मूल प्रेम गीत की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके बाद अगली प्रस्तुति उत्तराखंड के कुमाऊनी कलाकारों ने दी। इसमें ब्रह्मकमल संस्कृति कला संगम के कलाकारों ने लोक संगीत और कुमाउनी लोक नृत्य के जीवंत प्रदर्शन की प्रस्तुति दी। इन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत कुमाउनी छपेली से की और पारंपरिक कुमाउनी मैथली गीतों के साथ समापन किया। इसके बाद रुचिरा केदार ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके बाद महोत्सव की आखिरी प्रस्तुति ओडिसी एवं छऊ नृत्यांगना के नृत्य की हुई। इसमें प्रसिद्ध नृत्यांगना इलियाना ने ओडिशी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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