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मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी नहीं लगी दलालों पर लगाम
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19 मई को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी दून के संभागीय कार्यालय का जब औचक निरीक्षण किया था, तब काफी खामियां जहां उनको मिली थीं, वहीं कई अफसरों पर उनके निरीक्षण की गाज भी गिरी थी। साथ ही कार्यालय में दलालों की सक्रियता भी काफी मिली थी। इसके कुछ दिन बाद तो दलालों पर कई बार ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की गई, लेकिन अब फिर दलालों का साम्राज्य कार्यालय में हो गया है।
बिना दलालों के कोई भी काम होना संभव नहीं हो पा रहा। संभागीय कार्यालय में जितने भी नियम कायदे और कानून हैं, वो आम जनता के लिए नहीं हैं। दलालों का परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक बोलबाला है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो या रजिस्ट्रेशन कराना या टैक्स की प्रक्रिया हो सारे कामों में इनका कमीशन बंधा हुआ है। आमजन इसमें इधर से उधर धक्के खाते रहते हैं और दलाल धक्कों का डर दिखाकर आम जनता से ठगी करते हैं। एस्ले हॉल क्षेत्र निवासी पवन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद कुछ हद तक सुधार हुआ, लेकिन दलालों की दलाली फिर से वैसे की वैसी ही चलने लगी है।
आरोप लगाया कि इसमें कोई बदलाव नहीं हो पाया है। दलाल परिसर के बाहर से ही आमजन को अपने झांसे में ले लेते हैं। सभी विभागीय प्रक्रियाओं को लंबा बताकर आमजन को जल्दी काम करा देने का झांसा देते हैं। आमजन इस बात से बेखबर कि ये नियमों के विरुद्ध है फिर भी इनके झांसे में आ जाते हैं, जबकि इन दलालों का काम पहले होने के कारण नियम से काम कराने वालों को दिक्कतों का सामना करना होता है। अमर उजाला ने जब कार्यालय का मुआयना किया तो दलालों की सक्रियता की पोल पूरी तरह से खुल गई।
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दोपहर 12:16 बजे
परिसर के बाहर एक दलाल एक व्यक्ति को अपने झांसे में ले लिया। बोला, अब उसके सभी कागजों की फाइल बन रही है। आपका काम फटाफट हो जाएगा, आप कतई फिक्र नहीं करें।
दोपहर 12:28 बजे
एक दलाल फाइल लेकर अंदर के काउंटर पर खड़ा था। वह इस बात से बिल्कुल ही बेफिक्र था कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी हो सकती है। फाइल को उसने बाबू को थमा दिया।
आठ हजार में
दो ओर चार पहिया का लाइसेंस
लाइसेंस बनवाने आया था, लेकिन बाहर एक युवक ने कहा कि अंदर कहां धक्के खाओगे, हम लाइसेंस घर बैठे ही दिलवा देंगे। बस जरूरी कागजात दे दो। उसने इसका खर्च आठ हजार रुपये बताया। इतने रुपये में दो और चार पहिया दोनों का लाइसेंस देने को कहा।
- आशुतोष सिंह, पटेलनगर
ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर उचित कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील की कि ऐसे तत्वों के झांसे में न आएं। ये आपके कागजों का गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
- द्वारिका प्रसाद, एआरटीओ
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बिना दलालों के कोई भी काम होना संभव नहीं हो पा रहा। संभागीय कार्यालय में जितने भी नियम कायदे और कानून हैं, वो आम जनता के लिए नहीं हैं। दलालों का परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक बोलबाला है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो या रजिस्ट्रेशन कराना या टैक्स की प्रक्रिया हो सारे कामों में इनका कमीशन बंधा हुआ है। आमजन इसमें इधर से उधर धक्के खाते रहते हैं और दलाल धक्कों का डर दिखाकर आम जनता से ठगी करते हैं। एस्ले हॉल क्षेत्र निवासी पवन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद कुछ हद तक सुधार हुआ, लेकिन दलालों की दलाली फिर से वैसे की वैसी ही चलने लगी है।
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आरोप लगाया कि इसमें कोई बदलाव नहीं हो पाया है। दलाल परिसर के बाहर से ही आमजन को अपने झांसे में ले लेते हैं। सभी विभागीय प्रक्रियाओं को लंबा बताकर आमजन को जल्दी काम करा देने का झांसा देते हैं। आमजन इस बात से बेखबर कि ये नियमों के विरुद्ध है फिर भी इनके झांसे में आ जाते हैं, जबकि इन दलालों का काम पहले होने के कारण नियम से काम कराने वालों को दिक्कतों का सामना करना होता है। अमर उजाला ने जब कार्यालय का मुआयना किया तो दलालों की सक्रियता की पोल पूरी तरह से खुल गई।
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दोपहर 12:16 बजे
परिसर के बाहर एक दलाल एक व्यक्ति को अपने झांसे में ले लिया। बोला, अब उसके सभी कागजों की फाइल बन रही है। आपका काम फटाफट हो जाएगा, आप कतई फिक्र नहीं करें।
दोपहर 12:28 बजे
एक दलाल फाइल लेकर अंदर के काउंटर पर खड़ा था। वह इस बात से बिल्कुल ही बेफिक्र था कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी हो सकती है। फाइल को उसने बाबू को थमा दिया।
आठ हजार में
दो ओर चार पहिया का लाइसेंस
लाइसेंस बनवाने आया था, लेकिन बाहर एक युवक ने कहा कि अंदर कहां धक्के खाओगे, हम लाइसेंस घर बैठे ही दिलवा देंगे। बस जरूरी कागजात दे दो। उसने इसका खर्च आठ हजार रुपये बताया। इतने रुपये में दो और चार पहिया दोनों का लाइसेंस देने को कहा।
- आशुतोष सिंह, पटेलनगर
ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर उचित कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील की कि ऐसे तत्वों के झांसे में न आएं। ये आपके कागजों का गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
- द्वारिका प्रसाद, एआरटीओ