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97वें दिन टूटा हेमकुंड यात्रा मार्ग का सन्नाटा

Sat, 21 Sep 2013 06:37 PM IST
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Sat, 21 Sep 2013 06:37 PM IST
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hemkund sahib yatra begain from Saturday

उत्तराखंड के पांचवें धाम और सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने पर शनिवार को यात्रा के पैदल मार्ग पर आपदा के बाद 97वें दिन चहल-पहल दिखाई दी।

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स्थानीय लोगों ने तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, लामबगड़, पड़गासी, अरुड़ी-पटूड़ी गांवों के ग्रामीण सुबह 11 बजे फूल-मालाओं के साथ गोविंदधाट गुरुद्वारे में पहुंचे थे।
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यात्रा शुरू होने से तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। पहले जत्थे में गए करीब 500 तीर्थयात्री घांघरिया में रात्रि विश्राम कर रविवार को सुबह हेमकुंड साहिब पहुंचेंगे। घांघरिया से गोविंदघाट की दूरी छह किमी है।
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जबकि गोविंदघाट से घांघरिया तक तीर्थयात्रियों को चौदह किमी की पैदल दूरी तय करनी है। कई तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए दो दिनों से जोशीमठ, गोपेश्वर और गोविंदघाट में डेरा जमाए हुए थे।

आपदा ने पांव रोके लेकिन अब दरबार में पहुंच गए
गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक सेवा सिंह का कहना है कि यात्रा शुरू कराने को तीर्थयात्री खासे उत्साहित थे। अगले वर्ष से यात्रा को सुचारु ढंग से संचालित किया जाएगा। अपने परिवार को साथ लेकर हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर रवाना हुए लुधियाना के जगजीत सिंह का कहना है कि हेमकुंड साहिब आने के लिए वे पिछले चार सालों से प्रोग्राम बना रहे थे। इस बार जैसे ही धाम आने का कार्यक्रम फाइनल हुआ तो आपदा ने पांव रोक लिए। अब यात्रा पुन: शुरू हुई तो वाहे गुरु के दरबार में पहुंच गए हैं। पंजाब के गुरुप्रीत सिंह का कहना है कि वे यात्रा पुन: शुरु होने का ब्रेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

जगी है जिंदगी जीने की उम्मीद
हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जाने के लिए तीर्थयात्री घोड़ा-खच्चरों का उपयोग करते हैं। यहां गोविंदघाट में घोडे़ यात्राकाल में मौजूद रहते हैं। पिछले तीन माह से बेरोजगार बैठे घोड़ा संचालक भी पुन: हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू होने से खासे उत्साहित दिखे। घोड़ा संचालक मुकेश पंवार और दिगंबर का कहना है कि यात्रा शुरू होने से राहत मिली है। आपदा के दौरान तो ऐसा लग रहा था कि अब न जाने कब तीर्थयात्रा शुरू होगी। लेकिन अब जिंदगी जीने की उम्मीद जगी है।


हेमकुंड में रविवार को पढ़ी जाएगी पहली अरदास
आपदा के तीन माह बाद पुन: शुरू हुई हेमकुंड यात्रा के तहत रविवार को सुबह साढे़ नौ बजे पहली अरदास पढ़ी जाएगी। हेमकुंड साहिब के दर्शन करने के बाद धाम में पहुंचे तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां मुख्य ग्रंथी जस्सा सिंह अरदास और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे।

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